
इनसेट में पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया और विरोध में सड़क पर उतरे ग्रामीण (पत्रिका फोटो)
सादुलपुर (चूरू): चूरू जिले के सादुलपुर में लापता लड़की की तलाश की मांग को लेकर हमीरवास थाने के बाहर चल रहा धरना प्रदर्शन सोमवार को अचानक उग्र हो गया। देखते ही देखते थाने के बाहर ग्रामीणों की भीड़ बढ़ी और घेराव के दौरान प्रदर्शनकारी बैरियर हटाकर परिसर में प्रवेश करने लगे। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे खदेड़ा। घटना के बाद थाने के आसपास तनाव का माहौल बन गया और अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात करना पड़ा।
आईपीएस अभिजीत पाटिल के अनुसार, सोमवार दोपहर बड़ी संख्या में ग्रामीण पुलिस थाने के बाहर एकत्र हुए और थाने में प्रवेश करने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की। इसके बाद कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। वहीं, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर लोगों को पीटा और धरना स्थल पर लगा टेंट भी उखाड़ दिया। पुलिस का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
बल प्रयोग के दौरान किसान नेता राम सिंह सहारण, सोनू जिलोवा, कुरड़ाराम दमीवाल, आनंद गोस्वामी, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष रोहित पूनिया, राशिद खान, अजीत पूनिया, सोनू, नवीन काजला, रामकिशन काजला, अनिता देवी, रामकिशन सहारण, मनीष काजला, मिश्रो देवी और संतोष देवी सहित कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स पर लिखा, सादुलपुर के गांव कानावासी की लापता बेटी को बरामद करने की मांग को लेकर पिछले 10 दिनों से परिवारजन और ग्रामीण हमीरवास थाने के बाहर धरना दे रहे थे। आज न्याय की मांग कर रहे निर्दोष लोगों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया जी के साथ दुर्व्यवहार किया गया, जो अत्यंत निंदनीय है। मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, आखिर अपनी लापता बेटी के लिए न्याय मांगना कब से अपराध हो गया? पीड़ित परिवार को न्याय के बजाय लाठियां क्यों? क्या ये BJP का नया सुशासन है? लोकतंत्र में आवाज को लाठियों से दबाने की ये तानाशाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी। सरकार लापता बच्ची को बरामद कर दोषियों पर कार्रवाई करें।
वहीं पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया ने एक्स पर लिखा, विधानसभा क्षेत्र सादुलपुर के सभी साथी जल्दी से ज्यादा से ज्यादा संख्या में हमीरवास थाने पहुंचे। पुलिस ने जायज मांग को लेकर मेरे क्षेत्रवासियों, बहन भाइयों पर लाठीचार्ज किया पर एवं मेरे साथ भी बदतमीजी की है। लोकतंत्र में यह कतई बर्दाश्त नहीं है, गुनहगारों पर कार्रवाई होगी व दोषियों का दोष तय होगा है तभी हम यहां से हटेंगे।
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही आरएसी सहित अतिरिक्त पुलिस बल को हमीरवास भेजा गया। सिद्धमुख और तारानगर थानों से भी पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। थाने के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। एडिशनल एसपी रिछपाल चारण ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। आईपीएस अभिजीत पाटिल, राजेश सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
पुलिस बल प्रयोग की सूचना के बाद पूर्व सांसद राम सिंह कस्वां और पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया मौके पर पहुंचे। दोनों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। पूनिया ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे किसानों और ग्रामीणों पर लाठीचार्ज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस लाठी के दम पर ग्रामीणों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
इसके बाद डॉ. कृष्णा पूनिया अकेली धरने पर बैठ गईं। उन्होंने कहा कि वे वार्ता के जरिए समाधान चाहते हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन वार्ता के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने चूरू एसपी से दूरभाष पर बात कर घटनाक्रम की जानकारी भी दी। पूर्व सांसद कस्वां ने भी पुलिस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उच्चस्तरीय कार्रवाई की बात कही।
आईपीएस अभिजीत पाटिल ने बताया कि पुलिस ने मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। कानून-व्यवस्था भंग करने और राजकार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम में पांच-सात पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
07 Sept 2026 09:16 pm
Published on:
07 Sept 2026 09:16 pm
