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चूरू: छुट्टी लेकर घर आ रहे फौजी की रास्ते में मौत, तिरंगे में लिपटा शव देख रो पड़ा पूरा गांव, पीछे रह गई 2 साल की बेटी

Accident Death: सादुलपुर के जवान दिनेश कुमार की सड़क हादसे में मौत हो गई। उनके 2 साल की बेटी भी थी जिसके सिर से हादसे के बाद पिता का साया उठ गया।
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चूरू

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Harshita Saini

Sep 07, 2026

dinesh kumar last rites

सादुलपुर. सिपाही दिनेश कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करते स्थानीय लोग और पूर्व सैनिक (Photo-Patrika)

सादुलपुर. देश की सेवा में तैनात जवान घर लौटने की राह पर था, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही एक दर्दनाक हादसे ने उसकी जिंदगी छीन ली। भारतीय सेना में सेवारत सिपाही दिनेश कुमार की लोहारू के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। बाइक से घर लौट रहे दिनेश को बस ने टक्कर मार दी और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वीर जवान के असमय निधन की खबर मिलते ही गांव से लेकर पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

सैन्य सम्मान से अंतिम विदाई

जवान दिनेश कुमार की अंतिम यात्रा निवास से मोक्षभूमि तक पहुंची। यहां सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान से उन्हें अंतिम सलामी दी। परिजनों को तिरंगा सौंपा गया। यह दृश्य देख पूरा गांव रो पड़ा। बता दें कि सिपाही दिनेश कुमार (30) पुत्र सूबेदार बलवान सिंह टांडी, निवासी बांस गोविंद सिंह 2 जाट यूनिट से जुड़े थे और वर्तमान में 5 आरआर से अपनी पलटन में जाते समय मिली ब्रेक जर्नी के दौरान बाइक से घर लौट रहे थे।

बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

अंतिम यात्रा में अवकाश प्राप्त सैनिक संघ के अध्यक्ष मुकेश पूनिया, कैप्टन विद्याधर पूनिया, भाजपा नेता सुमित्रा, कांग्रेस नेता रोहित पूनिया, किसान नेता जगत सिंह, डॉ. कौशल पूनिया, सतपाल चाहर, हमीरवास थाने से एसआई राकेश सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी शामिल हुए।

स्मारक पहुंचा पार्थिव शरीर

देर शाम करीब 6:30 बजे जवान का पार्थिव शरीर स्मारक पहुंचा, जहां पूर्व सैनिकों और शहरवासियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। वीर सपूत की अंतिम विदाई में जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने हिस्सा लिया। दिनेश के निधन से दो साल की मासूम बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया। गांव में गमगीन माहौल हो गया।

हाथों में तिरंगा, जुबां पर 'दिनेश अमर रहे'

अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर तिरंगा यात्रा निकाली। बाइक सवार युवाओं का काफिला और डीजे के साथ निकली अंतिम यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, माहौल देशभक्ति से भर गया। रास्तेभर 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम' और 'दिनेश अमर रहे' के नारे गूंजते रहे।