बूंदी

पहले संस्कार की रस्म अदा, बाद में मेडिकल कॉलेज को दान किया शरीर, जानें इस दानवीर को

जिले के चलकोई गांव के किशनसिंह इंशा (76) ने अपनी पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज के लिए दानकर समाज के लिए एक अनूठी मिसाल कायम की है।
less than 1 minute read
• •
Updated: 5 Mar 2017, 7:17 AM IST
Feature image
taranagar churu

जिले के चलकोई गांव के किशनसिंह इंशा (76) ने अपनी पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज के लिए दानकर समाज के लिए एक अनूठी मिसाल कायम की है।

जानकारी के अनुसार गांव चलकोई निवासी किशनसिंह संत गुरमीत राम रहीम के सेवादार व शाह सतनाम ग्रीन एस वेलफेयर विंग के सदस्य थे। राम रहीम की प्रेरणा से किशनसिंह के मन में मरने के बाद अपने पार्थिव देह को दान करने की इच्छा जागृत हुई। उन्होंने अपनी इच्छा परिवार वालों को बताते हुए राजसमंद के अनंता मेडिकल कॉलेज में देहदान करने का रजिस्टे्रशन करवा दिया।

पेशे से खेती का कार्य करने वाले किशनसिंह कुछ दिनों पहले गुजरात के सूरत में रह रहे अपने पुत्रों से मिलने के लिए वहां गए हुए थे। शुक्रवार शाम को अचानक किशनसिंह की मौत हो गई। शनिवार रात किशनसिंह का शव गांव चलकोई लाया गया। रविवार सुबह हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार किशनसिंह की अंतिम संस्कार की सभी परम्परा का निर्वहन कर देह दान कर दी गई। शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर विंग के सेवादारों ने एम्बुलेंस से किशनसिंह की पार्थिव देह अनंता मेडिकल कॉलेज के सुपुर्द कर दी।

किशनसिंह के दो पुत्र व एक पुत्री है। पुत्री राज कंवर व पौत्री सोनू ने अर्थी को कंधा देकर अंतिम संस्कार का फर्ज निभाया। इस दौरान गांव के सैंकड़ों लोग मौजूद थे।

Published on: