
रतनगढ़. रतनगढ़ क्षेत्र के गांव कांगड़ से लधासर व कांगड़ से दाउदसर गांव के मध्य आने वाले करीब पांच दर्जन खेतों की फसल को टिड्डी दल ने चौपट कर डाला। कांगड़ के चम्पालाल ने बताया कि टिड्डी दल के पड़ाव से दु:खी किसानों ने उन्हें भगाने के लिए हरसम्भव प्रयास किए, लेकिन टिड्डी दल नहीं गया। इसके बाद विभागाधिकारियों को सूचना दी तो वे भी आ गए। दो बार छिड़काव(स्प्रे) किया, लेकिन प्रभावहीन रहा। इसके बाद किसानों ने खूब शोर शराबा किया परन्तु शायद टिड्डी दल भी अब शोर से प्रभावित नहीं हो रहा। आखिरकार टिड्डी दल ने भागीरथ प्रसाद सारस्वत, लिच्छू मेघवाल, भंवरलाल सारस्वत, परमेश्वर ढ़ाका, बीरबल चाहर, मामराज ढ़ाका, चम्पालाल सारस्वत, सन्तराम मेघवाल, भगवानाराम सारस्वत सहित पांच दर्जन किसानों के खेतों में फसल को चौपट कर डाला। किसानों ने बताया कि इन खेतों में मोठ, मूंग, बाजरा, ग्वार, कुछेक स्थानों पर मूंगफली की फसल थी। इन किसानों ने जिला कलक्टर से मुआवजा दिलाने की मांग की है।
टिड्डी दल प्रकोप एवं नियंत्रण कक्ष
चूरू. जिले में टिड्डी दल प्रकोप एवं टिड्डी दल नियंत्रण के लिए स्थापित नियंत्रण कक्षों पर कृषकों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की ओर से सूचना दी जा सकती है। जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के गावंडे ने बताया कि जिला कलक्ट्रेट में स्थापित टिड्डी नियंत्रण कक्ष के नंबर 01562-251322, टिड्डी नियंत्रण विभाग में स्थापित नियंत्रण कक्ष के दूरभाष 01562- 251937 तथा कृषि उपनिदेशक कार्यालय में स्थापित नियंत्रण कक्ष के दूरभाष 01562-250395 हैं। इसके अलावा पर्यवेक्षकों के मोबाइल नंबर भी प्रचारित-प्रसारित किए जा रहे हैं, जिन पर सूचना दी जा सकती है।