
सादुलपुर। विदेश की धरती पर कर्तव्यनिष्ठा और साहस से चूरू जिले का नाम रोशन करने वाले फ्लाई दुबई के केबिन क्रू सदस्य रामोतार गोस्वामी को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति ने प्रतिष्ठित "फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद द्वितीय" सम्मान से नवाजा है। सादुलपुर के वार्ड दो, महाराणा प्रताप चौक निवासी रामोतार ओमप्रकाश गोस्वामी के पुत्र हैं। इस उपलब्धि से पूरे चूरू जिले में हर्ष का माहौल है।उनके भाई हेमंत गोस्वामी ने बताया कि 30 सितंबर 2026 को दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में कॉकपिट में अप्रत्याशित घटना से अचानक गंभीर आपात स्थिति बन गई। ऐसे कठिन समय में भारतीय कैप्टन सुमित मच्छर ने असाधारण धैर्य और सूझबूझ से विमान को संभाला। अन्य क्रू सदस्यों ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए यात्रियों को सुरक्षित रखने का हरसंभव प्रयास किया। सामूहिक प्रयासों से विमान की सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई और सभी यात्रियों की जान बच गई।
चूरू जिले के रामोतार ने भी संकट की घड़ी में यात्रियों की सुरक्षा, सहायता और व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। क्रू की बहादुरी को देखते हुए यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने 27 अक्टूबर 2026 को पूरी टीम को यह सम्मान प्रदान किया। समारोह में दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
चूरू की रेतीली धरती से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर अपनी जिम्मेदारी निभाने वाले रामोतार की यह उपलब्धि जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। परिजनों, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि चूरू और राजस्थान की प्रतिभा, हौसले और सेवा भावना का सम्मान है। "माटी के लाल" की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों को विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहेगी।
27 अक्टूबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के करीब ढाई घंटे बाद कॉकपिट में हिंसक झड़प हुई थी। ओमानी को-पायलट ने भारतीय मूल के कैप्टन स्मित माछड़ पर चाकू से हमला कर दिया था। इस दौरान विमान से इमरजेंसी और हाईजैक अलर्ट जारी हुआ। विमान तेजी से नीचे आने लगा था। तभी आगे बैठे तीन इजरायली यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू किया था। इसके बाद विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने कमान संभाली थी। विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। घायल कैप्टन की जान बचाने में विमान में मौजूद एक इजरायली डेंटिस्ट ने भी मदद की। केबिन क्रू सदस्य ने भी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए अहम भूमिका निभाई थी।