चूरू

Dariya Singh Encounter Case में पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ बरी, इस वजह से मिली ये राहत

चूरू के बहुचर्चित दारासिंह उर्फ दारिया एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ को बरी कर दिया है। सुप्रीम

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May 14, 2018
Rajendra Rathore acquitted in Daria encounter

चूरू.

चूरू के बहुचर्चित दारासिंह उर्फ दारिया एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ को बरी कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिए फैसले में कहा कि आरोपित राठौड़ पर किसी प्रकार का दोष सिद्ध नहीं होता है इसलिए जयपुर जिला एवं सेशन कोर्ट के फैसले को बहाल रखा जाए। राठौड़ के पक्ष में फैसला आने पर भाजपा कार्यकर्ता व उनके समर्थक खुशी से झूम उठे। एक होटल में एक दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया।


भाजपा जिलाध्यक्ष वासुदेव चावला ने कहा कि राठौड़ ही नहीं चूरू व प्रदेश की जनता के साथ न्याय हुआ है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार की घिनौनी चाल कामयाब नहीं हुई और राठौड़ बेदाग साबित हुए हैं। इससे कांग्रेस के साजिशकर्ताओं का मुह काला हो गया है। चूरू आने पर जिले की जनता उनका जोरदार स्वागत करेगी।


भाजपा के जिला महामंत्री व एडवोकेट हेमसिंह शेखावत ने बताया कि दारिया प्रकरण में सीबीआई ने पांच अप्रेल 2012 को राजेन्द्र राठौड़ को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के 55 दिन बाद मामले की सुनवाई कर रहे जयपुर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने दोष सिद्ध नहीं होने पर राठौड़ को डिस्चार्ज कर दिया।

इसके बाद मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम ने उक्त फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि जिला एवं सेशन न्यायायल ने गलत आधार पर आरोपित राठौड़ को बरी कर दिया। जयपुर डीजे कोर्ट में इसकी दुबारा सुनवाई की जाए और राठौड़ स्वंय को शीघ्र सरेंडर करें।

राठौड़ ने न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका

हाईकोर्ट के उक्त फैसले के खिलाफ राजेन्द्र राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिक दायर कर सरेंडर आदेश के खिलाफ स्टे ले आए। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को स्वीकर कर लिया और सुनवाई शुरू की। सोमवार को कोर्ट ने फैसला दिया कि राठौड़ पर किसी प्रकार को कोई दोष सिद्ध नहीं हो रहा। इसलिए जयपुर जिला एवं सेशन न्यायालय के फैसले को बहाल रखा जाए।

अक्टूबर 2006 में हुआ था एनकाउंटर
जानकारी के मुताबिक 2 अक्टूबर 2006 को जयपुर में दारासिंह का एनकाउंटर हुआ था। नौ अप्रेल 2010 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। इसके बाद सीबीआई ने जांच शुरू की। पांच अप्रेल 2012 को राठौड़ को गिरफ्तार किया गया था।

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Published on:
14 May 2018 09:26 pm
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