
नई दिल्ली। कठुआ गैंगरेप मर्डर केस में एक के बाद कई सच्चाइयां सामने आ रही हैं। अब इस केस के तीन गवाहोंं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जम्मू-कश्मीर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दरअसल, तीन गवाहों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। याचिक में यह भी मांग की गई है कि उन्हें केंद्रीय सुरक्षा बल की सुरक्षा मुहैया कराई जाए। साथ ही याचिकाकर्ताओं ने 50 लाख रुपए मुआवाजा भी राज्य सरकार से दिलाने की मांग की है।
'क्राइम ब्रांच न पहुंचाए नुकसान'
इसके अलावा याचिकाकर्ताओं ने का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट जम्मू कश्मीर क्राइम ब्रांच को आदेश दे कि वो उन्हें किसी तरह से नुकसान न पहुंचाए। गौरतलब है कि जिन तीन गवाहों ने सुप्रीम कोर्ट से मदद मांगी है वे सभी छात्र हैं।
आरोपियों ने पुलिस पर लगाया प्रताड़ना का आरोप
वहीं, कठुआ में 8 साल की बच्ची से रेप और हत्या के आरोपियों ने भी पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि कस्टडी में उनके साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले हत्या के मुख्य आरोपी संजी राम और विशाल जंगोत्रा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं। आरोपी का कहना है कि उसे मामले की जांच में जम्मू-कश्मीर पुलिस पर भरोसा नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया है कि कठुआ से उसके केस का ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए। केवल पीड़िता के परिवार वालों की अपील पर ही कठुआ से केस ट्रांसफर नहीं करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने केस के पठानकोट किया ट्रांसफर
गौरतलब है कि हाल ही पीड़ित परिवार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सप्रीम कोर्ट ने इस केस को कठुआ से पठानकोट ट्रांसफर कर दिया था। परिजन का कहना था कि कठुआ से बाहर ही इस केस की सही से सुनवाई हो सकती है। वहीं, इस केस के मुख्य आरोपी सांझीराम ने कहा था कि वो बेकसूर है। उसे मामले में जबरन फंसाया गया है। उसका कहना था कि पीड़ित लड़की मेरी पोती के जैसी है। मेरा इस केस से कोई लेना-देना नहीं है।
Updated on:
14 May 2018 01:17 pm
Published on:
14 May 2018 07:38 pm
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