Raksha Bandhan Muhurat: 18 अगस्त को देर रात 3.05 बजे से लेकर 19 अगस्त की दोपहर 1.29 बजे तक भद्रा ( Raksha Bandhan 2024 Bhadra ) रहेगी। भद्रा काल में रक्षा सूत्र बांधना शुभ नहीं रहेगा।
Raksha Bandhan 2024 : तीज के बाद अब अंचल में रक्षा बंधन पर्व की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इन दिनों बजारों में राखियां सजने लगी हैं और बाजार से निकलनेवाली बहनों को रंग-बिरंगी राखियां आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। 19 अगस्त को रक्षा बंधन पर्व ( Raksha Bandhan 2024 Date ) के साथ ही श्रावणी उपाकर्म होगा जिसको लेकर यज्ञोपवित बदलने और पूजन विधान की तैयारियों में लोग जुटे हुए हैं।
पंडित दिनेश मिश्रा के मुताबिक 19 अगस्त को श्रावणी उपाकर्म भी रहेगा। उन्होंने बताया कि शास्त्रानुसार होलिका दहन और रक्षाबंधन का पर्व भद्रा में मनाना वर्जित है। सर्वार्थसिद्धि योग में किए गए सभी कार्य सिद्ध होते हैं। रवि योग सूर्यदेव से जुड़ा है और यह व्यक्ति को बल, स्वास्थ्य और मान-समान दिलाता है। शोभन योग सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। साथ ही श्रवण नक्षत्र ज्ञान, बुद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है। यह चारों योग 19 अगस्त की सुबह से लेकर रात तक रहेंगे।
पंडित मिश्रा के मुताबिक सभी योग मिलकर इस दिन को बेहद शुभ बना रहे हैं। 18 अगस्त को देर रात 3.05 बजे से लेकर 19 अगस्त की दोपहर 1.29 बजे तक भद्रा ( Raksha Bandhan 2024 Bhadra ) रहेगी। भद्रा काल में रक्षा सूत्र बांधना शुभ नहीं रहेगा। भद्रा टालकर अपराह्नकाल, प्रदोष काल का समय राखी बांधने के लिए अच्छा रहेगा।
दोपहर में 2:07 से 3:44 तक चर का चौघड़िया रहेगा इसके अलावा 3:44 से सूर्यास्त तक लाभ व अमृत का चौघड़िया रहेगा इसमें भी रक्षाबंधन का पर्व मनाना सर्वश्रेष्ठ रहेगा। रक्षाबंधन पर इस बार त्रिग्रहीयोग रहेगा। 30 साल बाद सूर्य व शनि अपनी स्व राशि सिंह व कुंभ राशि में रहेंगे। सूर्य बुद्धादित्य योग रहेगा। सिंह राशि में सूर्य, बुध और शुक्र मिलकर त्रिग्रहीयोग का निर्माण करेंगे यह भी शुभ संकेत है।