Churu News: चूरू जिले की कीकासर ग्राम पंचायत में गुंसाईजी धाम बणी में सोमवार को अचानक जमीन धंस गई। यहां सुबह सात बजे 60 फीट चौड़ा और 50 फीट गहरा गड्ढा बन गया। मवेशी चरा रहे ग्वालों ने यह नजारा देखा तो घबरा गए। विशेषज्ञाें ने इसकी कई वजह बताई हैं। इलाके के पूर्णनाथ सिद्ध और उम्मेदसिंह राठौड ने पत्रिका टीम को बताया कि सुबह 7 बजे जमीन धंसनी शुरू हुई जो देखते ही देखते गहरे गड्ढे में बदल गई। इससे हड़कंप सा मच गया।
जियोलॉजिकल वैज्ञानिकों को सूचित किया है। वैज्ञानिक जांच के बाद सही कारणों का पता लग सकेगा। गड्ढे के चारों तरफ सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
अधिक मात्रा में जल दोहन होने से आसपास के क्षेत्र में जमीन के नीचे की मिट्टी गीली हो जाती है। जमीन खोखली हो जाने से एक अंतराल के बाद जमीन खिसकती है। जमीन कितनी खोखली हुई है, उसी अनुसार एक समय बाद गड्ढा बन जाता है।
नरेन्द्र लाटा, पूर्व भू-वैज्ञानिक, चूरू
भूगोल के हिसाब से जमीन धंसने की घटना को सिंकहोल या सर्फेस कोलैप्स कहा जाता है। इसके दो कारण माने जाते हैं। भू-गर्भ में पाई जाने वाली चूना पत्थर जैसी चट्टानें भूमिगत जल के कारण धीरे-धीरे घुलती रहती हैं। इससे धरती के भीतर खाली स्थान बनने लगते हैं। समय के साथ यह खाली जगह बड़ी हो जाती है। जब ऊपर की मिट्टी और सतह का भार अधिक हो जाता है तो अचानक जमीन धंस जाती है। दूसरा भूकंपीय हलचल भी कारण हो सकता है।
-प्रो. रोहिताश यादव, भूगोल विभाग, कमला मोदी महिला महाविद्यालय, नीमकाथाना