Aina Wazir Viral: पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में 7 साल की ऐना वज़ीर का क्रिकेट खेलते हुए वीडियो वायरल हो कर सनसनी मचा रहा है, लेकिन वीडियो बनाने वाले ज़फरान वज़ीर को उग्रवादियों ने अगवा कर लिया।
Aina Wazir Cricket : पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में एक सात साल की मासूम लड़की ऐना वज़ीर (Aina Wazir) ने क्रिकेट खेलते हुए कमाल का प्रदर्शन किया है। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल (Viral Cricket Girl) हो गया और लोगों ने उसकी प्रतिभा की खूब तारीफ की। लेकिन इस खुशी के बीच एक दुखद घटना घटी। वीडियो रिकॉर्ड करने वाले स्थानीय व्यक्ति ज़फरान वज़ीर को कथित तौर पर स्थानीय उग्रवादियों ने अगवा कर लिया (Waziristan Abduction) और उन्हें जबरन माफी मांगने वाला वीडियो बनाने पर मजबूर किया। ऐना वज़ीर उत्तरी वजीरिस्तान के शीगा ज़लोखेल गांव की रहने वाली है। वीडियो में वह लड़कों के साथ आसानी से गेंदबाजी और बल्लेबाजी करती हुई दिख रही (PakistanGirlCricket) है। उसका तीन साल की उम्र से ही क्रिकेट के प्रति उसका लगाव था। उसके दिवंगत पिता उमर गुल एक शिक्षक थे, जो उसे स्थानीय मैचों में ले जाते थे। ऐना ने अपनी पांच सदस्यीय टीम बनाई है, जिसकी कप्तानी वह खुद करती है और टीम तीन ट्रॉफी जीत चुकी है।
वीडियो बनाने वाले ज़फरान वज़ीर एक स्कूल प्रिंसिपल और नागरिक पत्रकार हैं। उन्होंने यह क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसे देख कर पीएसएल टीम पेशावर ज़लमी के चेयरमैन जावेद आफरीदी ने ऐना की प्रतिभा को सराहा। उन्होंने कहा कि ऐना जैसी प्रतिभा को सही मंच मिलना चाहिए। उन्होंने ऐना को ज़लमी वुमेंस लीग में शामिल करने, क्रिकेट किट और सुविधाएं देने का ऐलान किया। उत्तरी वजीरिस्तान के सांसद मोहसिन दावर ने भी ऐना की तस्वीर शेयर कर लिखा कि वह शहीद उमर गुल की बेटी है और उसकी हिम्मत पिता की विरासत दर्शाती है। वीडियो वायरल होने के बाद कुछ उग्रवादी तत्वों को यह पसंद नहीं आया। उन्होंने लड़कियों का क्रिकेट खेलना इस्लामी मूल्यों और पश्तून परंपराओं के खिलाफ बताया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ज़फरान वज़ीर को उनके घर से उठा लिया गया। बाद में उनके फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड हुआ, जिसमें वे माफी मांगते हुए दिखे। उन्होंने कहा कि उनका इरादा ऐना की गेंदबाजी कौशल दिखाना था, लेकिन वीडियो वायरल होने से लोगों को बुरा लगा। उन्होंने इसे गलती बताया और ऐसे वीडियो न बनाने का वादा किया। वे उस समय कुछ अज्ञात लोगों के साथ थे।
यह घटना सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश का कारण बनी। पाकिस्तानी स्क्वैश प्लेयर मारिया तूरपकाई वज़ीर (जो खुद वजीरिस्तान से हैं) उन्होंने वीडियो शेयर कर लिखा कि ज़फरान वज़ीर को तालिबान ने अगवा कर लिया, क्योंकि उन्होंने लड़कियों में उम्मीद जगाई। लेकिन हम चुप नहीं रहेंगे और वजीरिस्तान की बेटियों के लिए लड़ाई जारी रहेगी। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि स्थानीय बुजुर्गों और जिरगा की कोशिशों से ज़फरान वज़ीर को छोड़ा गया और वे सुरक्षित घर लौट आए। ऐना और उसके परिवार की सुरक्षा के लिए भी चिंता जताई जा रही है। कुछ जगहों पर परिवार को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है।
यह घटना पाकिस्तान के आदिवासी इलाकों में लड़कियों की शिक्षा, खेल और स्वतंत्रता पर अभी भी मौजूदा रूढ़िवादी सोच उजागर करती है। एक तरफ प्रतिभा को सराहा जा रहा है, दूसरी तरफ पुरानी मान्यताओं के नाम पर दबाव बनाया जा रहा है। जबकि ऐसी प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की जरूरत है, ताकि हर लड़की अपने सपने जी सके। उम्मीद है कि ऐना को जरूरी सुरक्षा और समर्थन मिलेगी और वह एक दिन राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाएगी।
बहरहाल, यह घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। एक छोटी बच्ची की प्रतिभा को दिखाने पर व्यक्ति को अगवा करना और माफी मंगवाना अमानवीय है। यह लड़कियों के अधिकारों पर हमला है। समाज को ऐसे रूढ़िवादी विचारों से ऊपर उठना होगा। ऐना जैसी बच्चियों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए, न कि डर। ऐना वज़ीर की प्रतिभा को देखते हुए पीएसएल और अन्य क्रिकेट संगठनों को उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। सरकार को उत्तरी वजीरिस्तान में लड़कियों के खेल और शिक्षा के लिए विशेष योजनाएं लागू करनी चाहिए। सोशल मीडिया पर #SupportAinaWazir जैसे अभियान चलाकर जागरूकता फैलाई जा सकती है।