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जिस 7 साल के बेटे का लोकल ट्रेन की भीड़ में छिपकर ध्यान रखते थे पिता, आज इंटरनेशनल क्रिकेट से उसी अजिंक्य ने ले लिया संन्यास

Ajinkya Rahane retirement, Childhood Story: टीम इंडिया के पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले रहाणे की सफलता के पीछे उनके पिता का वो त्याग है, जिसने बचपन में ही उन्हें एक मजबूत इंसान बना दिया था।
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Jul 30, 2026
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अजिंक्य रहाणे अपने परिवार के साथ (Photo - X/ @ajinkyarahane88)

Ajinkya Rahane retirement, Childhood Story: भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उनका यह सफर उपलब्धियों से भरा रहा, लेकिन इसकी नींव बचपन के उस संघर्ष से पड़ी थी, जिसने उन्हें अंदर से फौलाद बना दिया था।

मुंबई लोकल का वो अकेला सफर

रहाणे ने हाल ही में अपने बचपन का एक बेहद भावुक किस्सा साझा किया था। जब वह सिर्फ 7 साल के थे, तब प्रैक्टिस के लिए उन्हें मुंबई लोकल ट्रेन से जाना पड़ता था। पहले दिन उनके पिता उन्हें छोड़ने गए, जिसके लिए उन्हें ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ी और बिना सैलरी के दिन गुजारना पड़ा। अगले दिन पिता ने सख्त लहजे में कहा, 'अब तुम्हें लोकल ट्रेन में अकेले सफर करना होगा।'

इसके बाद 7 साल का बच्चा रोज अपना भारी क्रिकेट किट बैग उठाकर भीड़ भरी लोकल ट्रेनों में धक्के खाते हुए अकेले प्रैक्टिस के लिए जाता। रहाणे को लगता था कि उनके पिता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन पर भरोसा किया है। लेकिन 5-6 साल बाद सच्चाई कुछ और ही निकली। पिता ने बताया कि वह उसी ट्रेन के दूसरे डिब्बे में रोज उनके पीछे-पीछे जाते थे, बस यह देखने के लिए कि उनका बेटा सुरक्षित स्टेशन पहुंच रहा है या नहीं। रहाणे ने बताया, 'इस बात ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया। उसी दिन मैंने तय किया कि मैं जो भी खेलूंगा, अपने माता-पिता के लिए खेलूंगा।'

'मैं आपके दिलों में कभी नहीं हारा'

अजिंक्य रहाणे अपने परिवार के साथ

क्रिकेट को अलविदा कहते हुए रहाणे ने BCCI, MCA, कोच, साथी खिलाड़ियों, IPL फ्रेंचाइजी और फैंस का आभार जताया। उन्होंने अपने विदाई संदेश में कहा, 'मेरे फैंस का बहुत-बहुत शुक्रिया। अजिंक्य का मतलब होता है अजेय, लेकिन क्रिकेट ने मुझे कई बार हार दिखाई है। पर एक जगह मैं कभी नहीं हारा, और वो है आप फैंस का दिल। कैप नंबर 278, साइनिंग ऑफ।'

अजेय रहा कप्तानी का रिकॉर्ड

रहाणे का इंटरनेशनल करियर शानदार रहा। उन्होंने 85 टेस्ट (5,077 रन, 12 शतक), 90 वनडे (2,962 रन) और 20 टी20 (375 रन) खेले। उनका सबसे बड़ा कारनामा उनकी टेस्ट कप्तानी रही। रहाणे की कप्तानी में भारत ने 6 टेस्ट खेले, जिसमें 4 जीते और 2 ड्रॉ रहे।

उनके नेतृत्व में ही भारत ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में वापसी करते हुए शानदार जीत दर्ज की थी और गाबा (ब्रिस्बेन) स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया का घमंड तोड़कर सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी। इसके अलावा उन्होंने 2017 में धर्मशाला में ऑस्ट्रेलिया और 2018 में अफगानिस्तान के खिलाफ भी भारत को टेस्ट में जीत दिलाई थी।

Updated on:
30 Jul 2026 12:07 pm
Published on:
30 Jul 2026 12:07 pm