
Indian Spin Legend Anil Kumble: भारतीय क्रिकेट में कुछ नंबर सिर्फ आंकड़े नहीं होते। उनके पीछे पूरी कहानी छिपी होती है। ऐसा ही एक नंबर है ‘192’। यह नंबर पूर्व भारतीय क्रिकेट के दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले से जुड़ा है। 36 साल पहले आज ही के दिन 9 अगस्त, 1990 को मैनचेस्टर में एक युवा लेग स्पिनर ने भारत के लिए अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। शायद उस वक्त किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही खिलाड़ी आगे चलकर भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा विकेट टेकर बनेगा।
कुंबले ने अब अपने उस खास दिन की यादें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि कैसे उनके इंटरनेशनल करियर की शुरुआत हुई थी।
बात 1990 की है। भारतीय टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी। मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेला जा रहा था। इसी मुकाबले में अनिल कुंबले ने भारत के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। उन्हें भारत की ओर से ‘प्लेयर नंबर 192’ के तौर पर पहली टेस्ट कैप मिली थी। कुंबले ने अपने डेब्यू मैच में 43 ओवर गेंदबाजी की। उन्होंने 105 रन देकर 3 विकेट लिए। उनका पहला इंटरनेशनल विकेट इंग्लैंड के बल्लेबाज एलन लैम्ब का था। कुंबले ने 36 साल बाद उस पल को याद किया। उन्होंने कहा कि एलन लैम्ब का विकेट उनके एक बेहद खास सफर की शुरुआत था।
डेब्यू के बाद कुंबले का करियर लगातार आगे बढ़ता गया। वह भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में शामिल हो गए। 7 फरवरी, 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने ऐसा कारनामा किया, जिसे क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। दिल्ली टेस्ट की एक पारी में कुंबले ने पाकिस्तान के सभी 10 बल्लेबाजों को आउट कर दिया। वह टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में 10 विकेट लेने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे गेंदबाज बने। उनसे पहले इंग्लैंड के जिम लेकर ने यह कारनामा किया था।
अनिल कुंबले ने भारत के लिए 132 टेस्ट मैच खेले। उनके नाम 619 टेस्ट विकेट हैं। यह किसी भारतीय गेंदबाज के सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट हैं। वनडे क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा। उन्होंने 337 विकेट हासिल किए।
ऐसे में देखा जाए तो टेस्ट और वनडे को मिलाकर कुंबले के नाम 956 इंटरनेशनल विकेट हैं। वह भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल गेंदबाजों में सबसे ऊपर हैं। गेंदबाजी के साथ उन्होंने बल्लेबाजी में भी योगदान दिया। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 2,506 रन हैं। इसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं।
कुंबले भारतीय टीम के कोच भी रहे। 2016 से 2017 के बीच उन्होंने टीम की जिम्मेदारी संभाली। उनके कार्यकाल में भारत ने कई बड़ी टेस्ट सीरीज जीतीं। इनमें वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया दौरा शामिल है। यही नहीं 2015 में उन्हें ‘ICC हॉल ऑफ फेम’ में भी शामिल किया गया। जिस खिलाड़ी ने 1990 में ‘प्लेयर नंबर 192’ के रूप में शुरुआत की थी, वह आगे चलकर भारतीय क्रिकेट का ऐसा नाम बना, जिसे दुनिया हमेशा याद रखेगी।