Steve Smith on AUS vs ENG 4th Test: मेलबर्न में खेले गए एशेज सीरीज 2025-26 के चौथे मुकाबले में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर 15 साल का सूखा खत्म कर दिया। इससे पहले इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर आखिरी टेस्ट जीत साल 2011 में हासिल की थी।
AUS vs ENG 4th Test, The Ashes Series 2025-26: ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज 2025-26 का चौथा मुकाबला मेलबर्न के ऐतिहासिक क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया। इस मुकाबले में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से हराकर 15 साल बाद ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर टेस्ट जीत दर्ज की। इससे पहले इंग्लैंड को आखिरी जीत साल 2011 में मिली थी। इस जीत के बाद जहां इंग्लैंड की टीम और उसके फैंस के बीच जश्न का माहौल है, वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी गलतियों को तलाश रही है। हार के बाद टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि पिच इस तरह खेलेगी।
मैच के बाद स्टीव स्मिथ ने कहा, "यह थोड़ा मुश्किल मैच था। अगर हम 50 या 60 रन और बना लेते, तो शायद हम आखिर तक मुकाबले में बने रहते। विकेट वैसा ही खेला जैसा उम्मीद थी, लेकिन जब गेंद नरम हो गई, तो उसने वैसा बर्ताव नहीं किया जैसा मैंने सोचा था। जब वे बैटिंग करने आए, तो पहले कुछ ओवरों में काफी तेज बल्लेबाजी की, जिससे गेंद और भी नरम हो गई। जिसकी वजह से गेंद ने उतना साथ नहीं दिया जितना मैं चाहता था। जब दो दिन में 36 विकेट गिर जाएं, तो शायद यह बताता है कि पिच ने उम्मीद से थोड़ा ज़्यादा काम किया। शायद थोड़ी घास हटाई जाती तो मदद मिलती।"
बता दें कि इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 152 रन बनाए। इंग्लैंड की टीम ने अपनी पहली पारी में 110 रन बनाए, जिससे ऑस्ट्रेलिया को 42 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की टीम सिर्फ 132 रन ही बना सकी, जिसके बाद इंग्लैंड को जीत के लिए 175 रन का लक्ष्य मिला। चौथी पारी में इंग्लैंड ने शानदार शुरुआत की और जैक क्रॉली के 37 रन तथा बेन डकेट के 34 रन ने जीत की उम्मीद जगा दी।
इसके बाद जैकब बेथेल के 40 रन और हैरी ब्रूक के 18 रनों ने इंग्लैंड को जीत के और करीब पहुंचा दिया। 33वें ओवर में इंग्लैंड ने 6 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर यह मुकाबला अपने नाम कर लिया। इससे पहले सीरीज के शुरुआती तीनों मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल की थी और एशेज सीरीज पर कब्जा भी कर लिया था, लेकिन इंग्लैंड के लिए यह जीत आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित होगी।
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