
Ajinkya Rahane Pension: भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे के संन्यास के बाद उन्हें BCCI की ओर से मासिक पेंशन 70,000 मिलेगी। 2022 में बीसीसीआई ने पेंशन राशि में बड़ा बदलाव किया था। जो भी भारतीय क्रिकेटर टीम इंडिया के लिए लंबे समय तक खेले होंगे, उन्हें संन्यास के बाद हर महीने 70,000 रुपए दिए जाएंगे। अब उस लिस्ट में अजिंक्य रहाणे का नाम भी जुड़ गया है। लेकिन इसके अलावा बीसीसीआई की एक ऐसी शर्त भी है, जिससे उन्हें हर महीने 70,000 की पेंशन का नुकसान हो सकता है।
रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है, लेकिन उन्होंने टीम इंडिया से जुड़े रहने की बात भी कही थी। ऐसे में अगर वे टीम इंडिया से किसी भी रोल में जुड़ते हैं तो फिर उनकी पेंशन रुक जाएगी। मतलब उन्हें हर महीने जो 70,000 रुपए पेंशन के तौर पर मिलेंगे, वे बंद कर दिया जाएगा। हालांकि, उसकी जगह उन्हें पद की सैलरी मिलेगी। इस मामले में एक और अपडेट यह है कि जैसे ही रहाणे उस पद या रोल से मुक्त होंगे, उन्हें फिर से 70,000 रुपए वाली पेंशन हर महीने मिलने लगेगी।
15 साल के करियर में अजिंक्य रहाणे के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि साल 2020-21 में आई, जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर विराट कोहली की गैर-मौजूदगी में टीम इंडिया की कप्तानी संभाली और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऐतिहासिक जीत दिलाई। अपने 15 साल के इंटरनेशनल करियर पर विराम लगाते हुए उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया और भावुक होते हुए अपने दिल की बात कही। उन्होंने अपने साथियों, कोच और फैंस का धन्यवाद किया।
रहाणे ने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में बल्लेबाजी की है। उन्होंने 20 इंटरनेशनल टी20 खेलने के अलावा 90 वनडे और 85 टेस्ट मैच खेले हैं। टेस्ट में उन्होंने 5,000 से ज्यादा रन बनाए हैं, तो वहीं वनडे में 2,962 रन उनके नाम दर्ज हैं। इसके अलावा उन्होंने 12 इंटरनेशनल शतक और 51 अर्धशतक भी जड़े हैं। उनके नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 14,000 से ज्यादा रन हैं, जबकि लिस्ट-ए में 6,800 से ज्यादा रन दर्ज हैं।
साल 2013 में टेस्ट डेब्यू करने वाले रहाणे ने 2011 में वनडे डेब्यू किया था और उसी साल 31 अगस्त 2011 को टी20 फॉर्मेट में अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला था। हालांकि, 2016 के बाद उन्हें टी20 फॉर्मेट से दूर कर दिया गया और फिर 2018 से वे पूरी तरह व्हाइट बॉल क्रिकेट से बाहर हो गए। 2023 के बाद उन्हें टेस्ट टीम से भी ड्रॉप कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने जुलाई 2026 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया।