
भारतीय कप्तान शुभमन गिल से बात करते हेड कोच गौतम गंभीर। (फोटो सोर्स: IANS)
India biggest weakness ahead of Sri Lanka tour: भारतीय टीम 15 अगस्त से श्रीलंका के दौरे पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज करने जा रही है। इससे पहले भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने श्रीलंका की टर्निंग पिचों पर टीम की बल्लेबाजी को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि स्पिन-फ्रेंडली कंडीशन से निपटना टीम के लिए उसके बल्लेबाजी विभाग की सबसे बड़ी चुनौती होगी। दासगुप्ता ने किसी भी विरोधी टीम को हल्के में न लेने की चेतावनी देते हुए कहा कि एक बात तो सही है कि उनसे (गौतम गंभीर) सवाल पूछे जाएंगे। जब टीम ठीक से नहीं खेलेगी, तो उनसे अलग-अलग सवाल पूछे जाएंगे।
बता दें कि भारतीय बल्लेबाज को न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से घरेलू मैदान पर मिली हार में स्पिनरों के खिलाफ काफी संघर्ष करना पड़ा है। 15-29 अगस्त तक गॉल और कोलंबो में टर्निंग पिचों पर श्रीलंकाई स्पिनरों का सामना करने से उनकी बैटिंग स्किल्स का और टेस्ट होगा, क्योंकि उनका लक्ष्य वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप टेबल में ऊपर उठना है।
दीप दासगुप्ता ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि अगर बॉलिंग के लिए अच्छी पिचें हैं, तो अपने आप अच्छे बॉलर भी हैं। सारांश भी आ गया है, जो एक अच्छा ऑफ-स्पिनर है। वह अच्छी बैटिंग भी कर सकता है। लेकिन, वॉशिंगटन की गैरमौजूदगी में आपके पास वे ऑप्शन हैं। आपके पास लेफ्ट-आर्म स्पिनर और कुलदीप भी हैं। मैं बॉलिंग को लेकर उतना परेशान नहीं हूं, जितना बैटिंग को लेकर हूं।
उन्होंने कहा कि हमने साउथ अफ्रीका में एक नया बैटिंग ऑर्डर देखा है। अगर हम इसे वहां से देखें, तो मैं यह नहीं कहूंगा कि यह डर है, लेकिन यह एक चिंता है। वे उन कंडीशन में कैसे खेल पाएंगे? क्योंकि वहां स्पिनिंग कंडीशन होंगी। टर्निंग कंडीशन होंगी, क्योंकि उनकी ताकत स्पिन बॉलिंग है। उन कंडीशन में, इंडिया कैसे खेलता है? इंडियन बैटर इसे कैसे हैंडल करते हैं? मेरे हिसाब से, यही सबसे बड़ी चुनौती होने वाली है।
दासगुप्ता ने किसी भी विरोधी टीम को हल्के में न लेने की चेतावनी देते हुए कहा कि सबसे पहले, कोई भी टेस्ट सीरीज आसान नहीं है और खासकर अभी इंडियन टेस्ट टीम को देखते हुए, जो एक बदलाव से गुजर रही है। खासकर श्रीलंका में फिर से, यह पहले भी बहुत मुश्किल रहा है और खासकर अभी इन कंडीशन में। इसलिए, मुझे लगता है कि डब्ल्यूटीसी को देखते हुए यह दिलचस्प होने वाला है। मुझे लगता है कि 9 टेस्ट मैच बाकी हैं। ऑस्ट्रेलिया के साथ पांच, श्रीलंका के साथ दो और न्यूज़ीलैंड के साथ दो और अगर मैं गलत नहीं हूं, तो फाइनल के लिए सात मैच जीतने होंगे। तो, यह अपने आप में एक मुश्किल काम है।
कप्तान शुभमन गिल और हेड कोच गौतम गंभीर की लीडरशिप वाले टीम मैनेजमेंट पर बढ़ते प्रेशर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक बात तो सही है कि उनसे (गंभीर) सवाल पूछे जाएंगे। जब टीम ठीक से नहीं खेलेगी, तो उनसे अलग-अलग सवाल पूछे जाएंगे। टीम के कोच, टीम के कैप्टन, टीम से जुड़े हर किसी से सवाल पूछे जाएंगे। क्योंकि, आप देखें, तो 2011-12 के बाद हम घर पर हारे। हम न्यूजीलैंड में सीरीज हारे और हम लगातार हारे।
उन्होंने अंत में कहा कि वे बदलाव की बात कर रहे हैं, इसलिए बदलाव के समय में एक दिशा देखना बहुत जरूरी है। बदलाव, मान लीजिए, न्यूज़ीलैंड टेस्ट सीरीज के बाद शुरू हुआ, फिर इंग्लैंड सीरीज आई। कहीं न कहीं, मुझे लगता है कि एक दिशा देखना जरूरी है और मैं थोड़ा कन्फ्यूज हूं कि हम किस दिशा में जा रहे हैं।
Updated on:
01 Aug 2026 08:03 pm
Published on:
01 Aug 2026 08:03 pm
