BCCI की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि घरेलू क्रिकेट परिचालन की Saba Karim की योजना से बोर्ड संतुष्ट नहीं था।
मुंबई : टीम इंडिया (Team India) के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज और मौजूदा समय में बीसीसीआई महाप्रबंधक-क्रिकेट परिचालन सबा करीम (Saba Karim) को बोर्ड ने अपने पद से इस्तीफा देने को कहा है। भारत की तरफ से एक टेस्ट और 34 एकदिवसीय मैच खेलने वाले 52 साल के सबा करीम को दिसंबर 2017 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस पद पर नियुक्त किया था।
कोविड-19 के बीच नहीं तैयार कर पाए योजना
बीसीसीआई की ओर से इस बारे में हालांकि कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन मामले के जानकारों से पता चला है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के बीच घरेलू क्रिकेट परिचालन की सबा करीम की योजना से बोर्ड संतुष्ट नहीं था। मिली जानकारी के अनुसार, बोर्ड ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए कह दिया है और इसका कारण बताया गया है कि वह कोविड-19 (Covid-19) महामारी के मद्देनजर घरेलू क्रिकेट के लिए वह कोई ठोस योजना तैयार नहीं कर पाए।
ये भी दे चुके हैं इस्तीफा
सबा करीम से पहले इस महीने की शुरुआत में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जोहरी (BCCI CEO Rahul johri) से इस्तीफे ले लिया गया था। उन पर गोपनीय सूचना लीक करने का आरोप था। वहीं पिछले साल बोर्ड चुनाव के बाद अध्यक्ष सौरव गांगुली (BCCI President Sourav Ganguly) के नेतृत्व में नए अधिकारियों के आने के बाद मुख्य वित्तीय अधिकारी संतोष रंगनेकर ने भी इस्तीफा दे दिया था।
दिसंबर से पहले घरेलू क्रिकेट के शुरू होने की उम्मीद नहीं
वैसे देखा जाए तो कोरोना वायरस के कारण भारतीय क्रिकेट बोर्ड इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के लिए भी विंडो नहीं निकाल पा रहा है। बोर्ड की हर मीटिंग के बार आईपीएल 2020 (IPL 2020) के लेकर अटकलें लगती रहती है। अब जाकर बोर्ड इसे संयुक्त अरब अमीरात में इसे 26 सितंबर से लेकर सात नवंबर के बीच कराने की योजना बना रहा है। जाहिर है कि आईपीएल समय में घरेलू क्रिकेट नहीं खेला जा सकता, क्योंकि इस समय में अधिकतर क्रिकेटर आईपीएल में व्यस्त रहेंगे। ऐसे में दिसंबर से पहले घरेलू क्रिकेट की कोई संभावना नजर नहीं आती। और यह सबा करीम के बाद आने वाले नए बीसीसीआई महाप्रबंधक-क्रिकेट परिचालन के लिए भी कठिन चुनौती रहेगी, क्योंकि देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बहुत तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।