
नई दिल्ली । आस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज ब्रेट ली का कहना है कि वनडे प्रारूप में दोनों छोर से नई गेंदों के इस्तेमाल से गेंदबाजों को मदद मिलती है। ली का कहना है कि 50 ओवरों वाले प्रारूप में दो गेंदों का इस्तेमाल बड़ा मुद्दा नहीं है।
सचिन और सौरव कर चुकें हैं इस फॉर्मूले का विरोध
भारतीय टेलीविजन का एक लोकप्रिय चेहरा रहने वाले ली ने यह भी कहा कि वह वनडे क्रिकेट को वापस उसी स्थिति में देखना चाहते हैं, जब 250 से 280 के स्कोर को प्रतिस्पर्धी स्कोर माना जाता था। उल्लेखनीय है कि इस माह की शुरुआत में इंग्लैंड ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैच में छह विकेट के नुकसान पर 481 रन बनाए थे। इस कारण भारतीय क्रिकेटके दिग्गजों में शुमार सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली से नकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी मिली थीं।
ली के अलग स्वर
ली ने कहा, "गेंदबाजों को केवल विकेट चाहिए। उन्हें उस पिच पर भी विकेट लेने होंगे, जिसमें बल्लेबाज आसानी से 400 रन बना रहे हैं या 450 का स्कोर खड़ा कर पा रहे हैं। मुझे अब भी लगता है कि 250-280 का स्कोर सबसे ज्यादा है।"
तेंदुलकर और ब्रेट ली के अलग विचार
तेंदुलकर ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा वनडे में दो गेंदों के इस्तेमाल के नियम को इस प्रारूप को बिगाड़ने की सही पहल करार दिया था। इस पर ली ने उलट प्रतिक्रिया दी है। ली ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि वनडे में एक या दो गेंदों के इस्तेमाल से कोई मुद्दा खड़ा हो सकता है। दो नई गेंदों का होना वनडे प्रारूप में गेंदबाजों को मदद दे सकता है।"
घास की महत्वता पर दिया जोड़
आस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी ने कहा कि दो गेंदों के इस्तेमाल का फायदा यह है कि ये रिवर्स स्विंग में परेशानी खड़ी नहीं करेंगी और यह आज के समय में गेंदबाजों के लिए बेहद ही अहम उपकरण है। आस्ट्रेलिया के सबसे सफलतम गेंदबाजों में शुमार ली ने कहा कि दो गेंदों के होने से मैच गेंदबाजों के लिए सहज हो जाता है। यह जरूरी है कि पिच पर पर्याप्त रूप में घास हो। ली ने कहा, "मेरे लिए यह सबसे सही तरीका है। मैं यह नहीं कह रहा कि पिच पर अधिक घास हो, लेकिन इतनी घास मौजूद हो, जिसमें गेंदबाज काम कर सकें।"