करीब ढाई दशक बाद अपने पिता का सपनानितीश सुदिनी ने साकार कर दिखाया। आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में न्यूज़ीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ नितीश ने नाबाद 117 रनों की शानदार पारी खेली।
जब विक्रम रेड्डी सुदिनी 1999 में हैदराबाद छोड़कर अमेरिका रवाना हुए थे, तो उनके साथ सिर्फ़ सूटकेस नहीं था, बल्कि क्रिकेटर बनने का एक अधूरा सपना भी था। स्थानीय टूर्नामेंट, जूनियर क्रिकेट और लीग मैच खेलने के बावजूद उनका सफर एक मुकाम पर थम गया। लेकिन किस्मत ने उस सपने को कभी खत्म नहीं होने दिया; बल्कि उसे अगली पीढ़ी के लिए संजोकर रख लिया।
करीब ढाई दशक बाद वही सपना उनके बेटे नितीश सुदिनी ने साकार कर दिखाया। आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में न्यूज़ीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ नितीश ने नाबाद 117 रनों की शानदार पारी खेली। यह महज एक शतक नहीं था, बल्कि एक ऐतिहासिक क्षण भी था। 18 साल के नितीशकिसी भी आईसीसी विश्व कप में शतक लगाने वाले पेझले अमरीकी खिलाड़ी बन गए।
जब नितीश ने हेलमेट उतारकर शतक पूरा किया और जश्न मनाया, तो स्टैंड्स में बैठे विक्रम और उनकी पत्नी स्वाति की आंखें नम हो गईं। तालियों की गूंज के बीच आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। यह पल सिर्फ बेटे की सफलता का नहीं था, बल्कि एक पिता के लंबे इंतजार के अंत का भी था। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में विक्रम ने कहा, “मैं 1999 में हैदराबाद छोड़कर गया था। इंतजार बहुत लंबा रहा। कभी नहीं सोचा था कि यह दिन आएगा, लेकिन मैं हमेशा चाहता था कि नितीश वह हासिल करे, जो मैं नहीं कर सका।”
नितीश ने सिर्फ 13 साल की उम्र में टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत की थी। धीरे-धीरे उनका झुकाव प्रोफेशनल क्रिकेट की ओर बढ़ा। इस पूरे सफर में पिता विक्रम हर कदम पर साथ रहे, खेल सिखाने से लेकर मानसिक और आर्थिक समर्थन तक। उन्होंने नितीश को हर संभव मदद दी। शतक लगाने के बाद नितीश ने कहा, “यह मेरे लिए बेहद खास पल है। यह शतक मेरे पापा के सपने से जुड़ा हुआ है। उन्होंने मेरे लिए सब कुछ किया। अब मेरा लक्ष्य सीनियर यूएसए टीम के लिए खेलना है।”
नितीश अपनी प्रेरणा वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिस गेल को मानते हैं। उन्होंने कहा, “उनके छक्के मुझे बहुत पसंद हैं। बचपन से उन्हें खेलते देखता आया हूं। उनसे कभी मिला नहीं, लेकिन उम्मीद है भविष्य में मौका मिलेगा। मैं बल्लेबाजी के दौरान खुद से बात करता हूं, इससे फोकस बना रहता है। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ इस पारी में भी मैंने यही किया।”
विक्रम ने यह हमेशा सुनिश्चित किया कि नितीश अपनी भारतीय जड़ों से जुड़े रहें। हर साल वे उन्हें ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद लाते हैं। उप्पल स्थित अश्विन क्रिकेट अकादमी में अभ्यास ने नितीश के खेल को नई धार दी। नितीश बताते हैं कि ब्लैक और रेड सॉइल की टर्फ पिचों पर खेलने से स्पिन के खिलाफ उनका खेल काफी मजबूत हुआ। उन्होंने स्वीप और रिवर्स-स्वीप शॉट्स पर खास मेहनत की।
अंडर-19 विश्व कप कई महान खिलाड़ियों, विराट कोहली, केन विलियमसन, युवराज सिंह, शुबमन गिल, ब्रायन लारा और क्रिस गेल—के करियर का लॉन्चपैड रहा है। नितीश भी अब उसी राह पर आगे बढ़ चुके हैं। उन्होंने कहा, “सीनियर टीम के लिए खेलना मेरा सबसे बड़ा सपना है। मेजर लीग क्रिकेट और माइनर लीग क्रिकेट ने युवाओं को बड़ा मंच दिया है। अमेरिका में क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ रहा है।" नितीश पहले माइनर लीग में अटलांटा लाइटनिंग का हिस्सा रह चुके हैं और अब मेजर लीग क्रिकेट में जगह बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।