क्रिकेट

धोनी के दिमाग की उपज है ए-प्लस कटेगरी, बीसीसीआई ने उन्हीं को किया बाहर

विनोद राय ने कहा इस वर्ग में उन्हीं खिलाड़ियों को रखा जाए, जो तीनों प्रारूपों में खेलते हुए रैंकिंग में शीर्ष-10 खिलाड़ियों की सूची में शामिल हों।
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Dhoni and Kohli gave the idea of A category

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से जारी की गई 26 सदस्यीय वार्षिक अनुबंध की सूची में शामिल सात करोड़ रुपये के नए वर्ग ए-प्लस को शामिल करने की सोच किसी और की नहीं, बल्कि भारत के दो दिग्गज खिलाड़ियों महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली की थी। इन दोनों खिलाड़ियों का मानना था कि टीम में खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन को मान्यता दी जाए और उसके अनुसार, उन्हें पुरस्कृत किया जाए। लेकिन बीसीसीआई ने कोहली को ए-प्लस कटेगरी में रखा है लेकिन धोनी को बहार का रास्ता दिखा दिया है।

ए-वर्ग में में है धोनी
उल्लेखनीय है कि इस नए वर्ग ए-प्लस में वे खिलाड़ी शामिल हैं, जो सभी तीन प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें शामिल पांच खिलाड़ियों- कोहली, रोहित शर्मा, शिखर धवन , भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह को सालाना तौर पर सात करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। बीसीसीआई ने धोनी को इस कटेगरी से बाहर रखा है। दरअसल धोनी केवल वनडे और टी-20 प्रारूप में खेल रहे हैं और इस कारण उन्हें ए-प्लस में नहीं ए-वर्ग में रखा गया है, जिसके तहत उन्हें पांच करोड़ रुपये सालाना तौर पर मिलेंगे।

अनिल कुंबले ने की थी इसकी पहल
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच अनिल कुंबले ने इस चर्चा की पहल की थी। उन्होंने इस बारे में पहले वरिष्ठ खिलाड़ियों और इसके बाद कमिटि ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (सीओए) से बात की। इस मामले पर सीओए के चेयरमैन विनोद राय और डियाना एदुलजी ने बीसीसीआई के कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी के साथ चर्चा की और इसके बाद खिलाड़ियों की राय जानी। वेबसाइट 'ईएसपीएनक्रिकइन्फो' की रिपोर्ट के अनुसार, राय ने कहा, "सबसे पहले कोहली और धौनी ने यह सुझाव दिया था। खिलाड़ी इस वर्ग को सबसे अलग तरह से चाहते थे और इसमें उन्हीं खिलाड़ियों को शामिल चाहते थे, जिन्होंने शानदार प्रदर्शन किया हो।"

उन खिलाड़ियों को ए-प्लस में रखा जो तीनों प्रारूपों में खेलते
राय ने कहा, "उनका कहना था कि इस वर्ग में उन्हीं खिलाड़ियों को रखा जाए, तो तीनों प्रारूपों में खेलते हुए आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष-10 खिलाड़ियों की सूची में शामिल हों। यह एक ऐसा वर्ग था, जहां बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को उसके प्रदर्शन के अनुसार, पुरस्कृत किया जाए।" सीओए चेयरमैन राय के अनुसार, इस वर्ग की खास बात यह है कि इसमें शामिल खिलाड़ी स्थायी नहीं रहेंगे, बल्कि इसमें वहीं खिलाड़ी शामिल होंगे, जो तीनों प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन करेंगे। अगर नहीं कर पाए, तो वे फिसल कर निचले वर्ग में चले जाएंगे।

Published on:
08 Mar 2018 06:18 pm