आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 में सेमीफाइनल में हार के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है।
नई दिल्ली : महेंद्र सिंह धोनी को आईसीसी क्रिकेट एकदिवसीय विश्व कप 2019 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से मिली हार अब भी सालती है। बता दें कि धोनी और रविंद्र जडेजा शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया को जीत के करीब ले जा रहे थे कि बेहद करीबी मामले में धोनी रन आउट हो गए थे। मार्टिन गुप्टिल ने डायरेक्ट हिट कर उन्हें पैवेलियन भेज दिया था। उन्होंने कहा कि इस बात का उन्हें हमेशा अफसोस रहेगा कि उन्होंने रन आउट से बचने के लिए डाइव क्यों नहीं लगाई।
विकेटों के बीच काफी तेज माने जाते हैं धोनी
पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि उन्हें हमेशा इस बात का अफसोस रहेगा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में रन आउट से बचने के लिए डाइव क्यों नहीं लगाई। बता दें कि अगर धोनी रन आउट से बच जातें तो परिणाम अलग भी हो सकता था। बता दें कि विकेटों के बीच दौड़ में धोनी काफी तेज माने जाते हैं। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में वह बहुत कम बार रन आउट हुए हैं।
सिर्फ दो इंच के बारे में सोचते रहते हैं धोनी
एक मीडिया से बात करते हुए धोनी ने कहा कि अब तक हमेशा खुद से पूछते रहते हैं कि रन आउट से बचने के लिए डाइव क्यों नहीं लगाई। सिर्फ उस दो इंच के बारे में सोचते रहते हैं, जितने से पिछड़ गए। बता दें कि इस मैच में धोनी ने शानदार अर्धशतकीय पारी खेली थी।
विश्व कप 2015 में भी रन आउट हुए थे धोनी
यह पहली बार नहीं है, जब महेंद्र सिंह धोनी विश्व कप के दौरान रन आउट हुए हैं। वह 2015 के सेमीफाइनल में भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रन आउट हो गए थे। लेकिन 2019 के विश्व कप सेमीफाइनल में रन आउट होना इसलिए भी खलता है, क्योंकि यह धोनी का आखिरी विश्व कप हो सकता है और अगर वह क्रीज पर बने रहते तो टीम इंडिया यह मैच जीत सकती थी।