
Rohit Sharma-Gautam Gambhir: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा के साथ अपने रिश्ते को लेकर खुलकर बात की है। गंभीर ने साफ किया कि रोहित के साथ उनका जुड़ाव सिर्फ कप्तान और कोच तक सीमित नहीं रहा। दोनों एक दौर में टीममेट भी रह चुके हैं। इस दौरान गंभीर ने अपने कोचिंग कार्यकाल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि इन दो सालों में कामयाबी के साथ नाकामियां भी आईं। उनके लिए दोनों अनुभव अहम रहे हैं।
गंभीर ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहा कि रोहित शर्मा के साथ उनका रिश्ता काफी पुराना है। जब रोहित भारतीय टीम में आए थे, तब गंभीर टीम के सीनियर खिलाड़ियों में शामिल थे। इसी वजह से दोनों एक-दूसरे की सोच को अच्छी तरह समझते हैं। गंभीर ने कहा कि मैदान पर कभी दोनों की राय अलग हो सकती है। लेकिन आखिरी फैसला हमेशा टीम के हित को ध्यान में रखकर होना चाहिए। गंभीर ने इसी सोच को अपने काम करने का तरीका बताया। उनके मुताबिक, कप्तान और कोच की सोच अलग होना सामान्य बात है। जरूरी यह है कि दोनों का लक्ष्य भारतीय क्रिकेट की बेहतरी हो।
गंभीर ने अपने कार्यकाल के दौरान चार कप्तानों के साथ काम करने की बात कही। इनमें रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि चारों खिलाड़ियों की सोच और खेल को देखने का तरीका अलग है। इसके बावजूद एक बात सभी में समान रही। सभी ने टीम को खुद से आगे रखा।
गंभीर के अनुसार, कप्तान का टीम-फर्स्ट रवैया सपोर्ट स्टाफ का काम आसान करता है। उन्होंने कहा कि विचारधारा अलग हो सकती है। खेल को समझने का तरीका भी अलग हो सकता है। लेकिन इरादा सही होना सबसे जरूरी है।
गंभीर ने शुभमन गिल की टेस्ट कप्तानी की भी तारीफ की। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का जिक्र किया। गंभीर ने कहा कि इतनी बड़ी जिम्मेदारी कम उम्र में मिलना आसान नहीं होता। उन्होंने गिल के प्रदर्शन और कप्तानी की सराहना की।
उनके मुताबिक, गिल ने मुश्किल परिस्थितियों में टेस्ट क्रिकेट को अच्छी तरह संभाला है। गंभीर को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में गिल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
गंभीर ने अपने दो साल के कार्यकाल को भी संतुलित नजरिए से देखा। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें सफलता मिली। साथ ही कुछ नाकामियां भी सामने आईं। वह दोनों को अपनी जिम्मेदारी का हिस्सा मानते हैं।
बता दें अब भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू व्हाइट-बॉल सीरीज की तैयारी कर रही है। इस सीरीज में तीन ODI और पांच T20I मुकाबले खेले जाएंगे। ऐसे में गंभीर की नजर आगे की चुनौतियों और भारतीय क्रिकेट को मजबूत करने पर है। क्योंकि अगले साल 2027 में वनडे वर्ल्ड कप होना है।