
India vs Afghanistan T20 Series: टीम इंडिया ने अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की टी20 सीरीज को 3-0 से अपने नाम कर लिया। इस सीरीज में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने खूब रन बनाए। अभिषेक ने जहां एक शतक और एक अर्धशतकीय पारी खेली, तो संजू सैमसन ने आखिरी दोनों मुकाबलों में अर्धशतक जड़ा। टी20 वर्ल्डकप 2026 के बाद सैमसन के बल्ले से इस सीरीज में कोई अर्धशतकीय पारी निकली, जिसने आलोचकों की बोलती बंद कर दी। टी20 वर्ल्डकप 2026 के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट खिलाड़ी को इंग्लैंड दौरे पर 2 मैच के बाद ही प्लेइंग 11 से बाहर कर दिया गया था, जिसकी काफी आलोचना हुई थी। उसस मामले पर अब टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने चुप्पी तोड़ी है और अपने करियर का सबसे मुश्किल फैसला बताया है।
अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार जीत के बाद गौतम गंभीर ने इंग्लैंड दौरे पर संजू सैमसन को प्लेइंग 11 से ड्रॉप करने को लेकर बाद की और कहा, " वाकई, वो काफी मुश्किल फैसला था। उन्हें इंग्लैंड दौरे पर प्लेइंग 11 से बाहर करना मेरे कोचिंग करियर का सबसे कठिन फैसला था। वो भी तब, तब उन्होंने पिछले ही टू्र्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था। कभी कभी आपको शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरना होता है।"
गंभीर ने एशियन गेम्स में भी संजू सैमसन को पूरा मौका देने का संकेत दिया है। टीम इंडिया में इस समय ओपनिंग के स्थान के लिए सबसे बड़ी लड़ाई चल रही है। वैभव सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे के खिलाफ 3 मैचों की टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था। अभिषेक शर्मा को अफगानिस्तान के खिलाफ ये अवॉर्ड मिला, तो वहीं संजू ने भी 2 अर्धशतकीय पारियां खेली और टी20 वर्ल्डकप में भी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए थे।
हालांकि एशियन गेम्स से पहले गौतम गंभीर ने साफ कर दिया कि अब जब तक सैमसन और अभिषेक फॉर्म में रहेंगे, वो ही ओपनिंग करेंगे।
भारतीय क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान के साथ हुई तीन टी20 मैचों की सीरीज 3-0 से जीत ली। इस सीरीज में बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को एक भी मैच खेलने को नहीं मिला। गुरुवार को भारत की सीरीज जीत के बाद हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा कि वैभव को अपने मौके का इंतजार करना होगा।
गौतम गंभीर ने सैमसन को लेकर बात करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि उनकी प्रतिभा ही उन्हें प्रभावित करने के लिए काफी है। मुझे लगता है कि उन्होंने दिखा दिया कि वह क्या कर सकते हैं। कोई भी वर्ल्ड कप में बिना प्रतिभा के 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' नहीं बनता। उन्होंने काफी कुछ किया है।"
अभिषेक और सैमसन को बतौर ओपनर मौका देने पर गंभीर ने कहा, "मैं हमेशा अपने नजरिए से बहुत साफ था कि हम वर्ल्ड कप के दौरान हमारे पास जो कॉम्बिनेशन था, उसी के साथ वापस जाना चाहते हैं, क्योंकि वे लोग तीन या चार बार फेल होने के बाद बुरे खिलाड़ी नहीं बन जाते।"