Gautam Gambhir on Sanju Samson: T20 वर्ल्ड कप 2026 में संजू सैमसन की ऐतिहासिक सफलता के पीछे आखिर किसका हाथ था? कोच गौतम गंभीर ने ANI पॉडकास्ट पर खुलासा किया कि क्यों उन्होंने खराब फॉर्म के बावजूद संजू पर भरोसा जताया और कैसे संजू ने विराट कोहली का सालों पुराना रिकॉर्ड तोड़कर टीम इंडिया को चैंपियन बनाया। जानें कोच ने इसपर और क्या कहा...
T20 World Cup 2026, Gambhir On Sanju Samson: T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत को संजू सैमसन के रूप में एक नया हीरो मिला। टूर्नामेंट की शुरुआत में संजू प्लेइंग इलेवन का हिस्सा भी नहीं थे, लेकिन जब उन्हें मौका मिला, तो उन्होंने सबसे बड़े और अहम मैचों में ऐसी पारियां खेलीं जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। वेस्टइंडीज (सुपर 8), इंग्लैंड (सेमीफाइनल) और न्यूजीलैंड (फाइनल) के खिलाफ संजू लगभग शतक के करीब पहुंच गए थे। उनके इसी शानदार प्रदर्शन की बदौलत उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया। संजू की इस कामयाबी के पीछे टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर का अटूट भरोसा था।
ANI पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान गंभीर ने खुलासा किया कि उन्होंने संजू का साथ इसलिए दिया क्योंकि उन्हें विश्वास था कि संजू में टीम के लिए बहुत कुछ करने की काबिलियत है। गंभीर ने कहा, 'मैंने संजू सैमसन का पूरा साथ दिया क्योंकि मुझे हमेशा से लगा कि वह टीम के लिए बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं। हर खिलाड़ी के करियर में बुरा दौर आता है, जैसा उनके साथ न्यूजीलैंड सीरीज में हुआ था, पर वह खेल का हिस्सा है। मैंने उन्हें कुछ मैचों का आराम दिया और जब उन्होंने वापसी की, तो मुझे पता था कि वह हमारे लिए मैच जीतेंगे।'
गंभीर ने आगे कहा कि जिस खिलाड़ी ने T20I में तीन शतक लगाए हों, उसका एक खराब दौर स्वीकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संजू ने उनके भरोसे को सच साबित कर दिखाया है और अब उम्मीद है कि यहां से उनका करियर एक नई ऊंचाई पर जाएगा।
संजू ने इस वर्ल्ड कप की 5 पारियों में 321 रन बनाए। उनका औसत 80.25 और स्ट्राइक रेट 199.37 का रहा। इस दौरान उन्होंने 27 चौके और 24 छक्के जड़े। वह टूर्नामेंट में तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। उन्होंने विराट कोहली के 2014 के रिकॉर्ड (319 रन) को पीछे छोड़ते हुए किसी एक T20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया।
वर्ल्ड कप से पहले लोग अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव को एक्स-फैक्टर मान रहे थे। संजू का फॉर्म भी खराब चल रहा था। न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों में उन्होंने सिर्फ 46 रन बनाए थे और ईशान किशन ने उनकी जगह ले ली थी। वर्ल्ड कप की शुरुआत में भी नामीबिया और जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 22 और 24 रनों की छोटी पारियां खेलीं, लेकिन वे उन्हें बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए।
लेकिन असली धमाका तब हुआ जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी। दक्षिण अफ्रीका से मिली 76 रनों की हार के बाद जब टीम इंडिया मुश्किल में थी, तब संजू ने अकेले दम पर टीम में नई जान फूंक दी और वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी बड़ी टीमों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।