Irfan Pathan reveal: इरफान पठान को आईपीएल 2025 के कमेंट्री पैनल से बाहर कर दिया गया था। उस समय माना जा रहा था कि इसके पीछे की वजह रोहित शर्मा और विराट कोहली की ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आलोचना है, लेकिन अब पठान ने खुद इस राज से पर्दा उठाया है कि उनके प्रसारण टीम से बाहर के पीछे किसका हाथा था?
Irfan Pathan reveal: ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट सीरीज के दौरान विराट कोहली और रोहित शर्मा की आलोचना करने के चलते इरफान पठान को आईपीएल 2025 के कमेंट्री पैनल से बाहर कर दिया गया था? उस दौरान ये खबर सुर्खियों में थी। लेकिन, अब जाकर इस राज से पर्दा उठा गया है। ऐसा लगता है कि विराट-रोहित की आलोचना नहीं, बल्कि मौजूदा टीम के एक अन्य सीनियर खिलाड़ी की हुई थी। जिसके बाद शायद उनके खिलाफ इतना बड़ा एक्शन लिया गया।
लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में इरफान पठान ने खुलासा किया कि बर्खास्तगी के पीछे क्या, या यूं कहें कि कौन था? आलोचना के बारे में बात करते हुए पूर्व ऑलराउंडर ने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी बात पूरी तरह से नहीं कही थी। वह किसी और के बारे में नहीं, बल्कि हार्दिक पंड्या के बारे में बात कर रहे थे।
पिछले साल के आईपीएल सीजन का जिक्र करते हुए इरफान ने कहा कि अगर मैं 14 में से 7 मैचों में आपकी आलोचना कर रहा हूं तो भी मैं नरमी बरत रहा हूं। प्रसारणकर्ता के तौर पर यही हमारा काम है। पठान ने कहा कि उनके और पंड्या के बीच कोई प्रतिद्वंद्विता नहीं है और उन्होंने हमेशा बड़ौदा के सभी खिलाड़ियों की मदद की है। दीपक हुड्डा, क्रुणाल पांड्या या हार्दिक पंड्या कोई भी यह नहीं कह सकता कि इरफान-यूसुफ ने उनकी मदद नहीं की।
पठान ने ये भी खुलासा किया कि कैसे वीवीएस लक्ष्मण ने उनके आग्रह पर हार्दिक को एसआरएच के लिए न चुनने का पछतावा किया था। उन्होंने कहा कि वीवीएस लक्ष्मण ने स्टार स्पोर्ट्स पर स्वीकार किया कि 2012 में मेरी बात न सुनने और हार्दिक को न चुनने में उनकी गलती थी। अगर उन्होंने तब उन्हें चुना होता तो हार्दिक हैदराबाद के लिए खेलते। एक समय ऐसा भी था जब रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाए जाने के बाद मुंबई इंडियंस के समर्थकों ने पंड्या को बुरा-भला कहा था। तब भी मैंने कहा था कि खिलाड़ी के बारे में कुछ भी बुरा नहीं कहना चाहिए।
पठान ने आगे कहा कि खिलाड़ी की आलोचना करने में कुछ भी गलत नहीं है, अगर आप खेलते हैं तो आपको इससे गुजरना ही पड़ता है। ऐसा सुनील गावस्कर और महान सचिन तेंदुलकर के साथ भी हुआ था। उन्होंने कभी किसी को यह अहसास नहीं होने दिया कि वे खेल से बड़े हैं। लेकिन, मैं पंड्या के खिलाफ इस्तेमाल किए गए अपमानजनक शब्दों के खिलाफ हूं।