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ट्रायल्स के बाद नहीं मिलते मौके, तो फूट-फूट कर रोता था ये गेंदबाज, आज टीम इंडिया का है स्ट्राइक बॉलर

भारत के व्हाइट बॉल क्रिकेट टीम का रेगुलर हिस्सा बन चुके हर्षित राणा ने बताया कि कैसे उनके जीवन के शुरुआती दौर में वह असफलताओं के बाद पिता के सामने जाकर रोते थे। उनकी असफलताओं से लड़ने की हिम्मत उन्हें अपने पिता से मिली।

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Jan 18, 2026
भारत के तेज गेंदबाज (फोटो- IANS)

Harshit Rana on Dealing with Failures: भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने लंबा संघर्ष देखने के बाद सफलता का स्वाद चखा। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज हर्षित राणा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। हर्षित राणा अभी भारत के व्हाइट बॉल क्रिकेट के एक रेगुलर मेंबर हैं। भारत के लिए उनका प्रदर्शन लगातार अच्छा होता जा रहा है। जहां पहले उन्हें शुरुआत में ट्रोल किया जाता था, वहीं अब सभी ओर से उन्हें प्रशंसा मिल रही है।

इन्ही सब असफलताओं और उनसे उबरने को लेकर हर्षित राणा ने अपने शुरुआती स्ट्रगल के बारे में बात की। इसमें उन्होंने बताया कि कैसे वह हर दिन पिता के सामने रोया करते थे, लेकिन आज वही संघर्ष उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में मजबूती दे रहा है।

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संघर्ष भरे शुरुआती साल

हर्षित राणा का क्रिकेट सफर आसान नहीं रहा। दिल्ली के घरेलू क्रिकेट सर्किट में उन्हें सालों तक निराशा का सामना करना पड़ा। कई बार ट्रायल दिए, लेकिन हर बार नाम सूची में नहीं आता था। वह निराश होकर घर लौटते और पिता के सामने अपने आंसू नहीं रोक पाते थे। करीब दस साल तक ऐसा दौर चला जब मेहनत के बावजूद उन्हें कोई पहचान नहीं मिली। इस दौरान उन्होंने कई बार क्रिकेट छोड़ने का मन भी बनाया, लेकिन पिता ने कभी हार मानने नहीं दी और लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। जब वह टूट जाते थे, तब पिता का एक ही संदेश होता था कि मेहनत जारी रखो, समय बदलेगा। हर्षित ने कहा, "अब वह असफलता का दौर जा चुका है और आगे जो भी होगा मैं उसे संभाल सकता हूं।"

टीम इंडिया में मजबूत पहचान

भारतीय टीम में व्हाइट बॉल क्रिकेट में नियमित मौके मिलने के बाद हर्षित राणा ने खुद को साबित किया है। वनडे और टी20 फॉर्मेट में उनकी विकेट लेने की क्षमता ने चयनकर्ताओं का भरोसा मजबूत किया है। वह पहले ही भारत की चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रह चुके हैं। वनडे क्रिकेट में अपने डेब्यू के बाद सीमित मैचों में ही उन्होंने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया और टीम इंडिया के लिए साल 2025 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने।

न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज में भी उनका डोमिनेंस लगातार जारी है, कीवी सलामी बल्लेबाज डेवॉन कॉन्वे को तीनों पारियों में उन्होंने ही अपना शिकार बनाया।

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