
भारत अंडर-19 स्टार अभिज्ञान कुंडू (फोटो- ESPNcricinfo)
Abhigyan Kundu Story: अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत ने बांग्लादेश को हराकर सुपर-6 के लिए क्वालिफाई कर दिया। भारत इस टूर्नामेंट में सुपर-6 में क्वालिफाई करने वाली पहली टीम बन चुकी है। भारत के इस शानदार प्रदर्शन के पीछे विकेटकीपर बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ने अहम भूमिका निभाई। पहले मैच में उन्होंने नाबाद 42 रन की पारी खेली और बांग्लादेश के खिलाफ हुए दूसरे मुकाबले में 80 रन की जुझारु पारी खेलकर लड़खड़ाती भारतीय पारी को संभाला, जिसके बदौलत भारत ने सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया और मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाई।
भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में उभरते सितारे अभिज्ञान कुंडू की कहानी सिर्फ रन और रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। यह कहानी अनुशासन, धैर्य और सोच-समझकर दी गई आजादी की मिसाल है। मुंबई के इस युवा क्रिकेटर के पीछे उनके कोच की सख्त लेकिन दूरदर्शी सोच और माता-पिता का रवैया सबसे बड़ा कारण बना।
अभिज्ञान कुंडू बचपन में बहुत एक्टिव थे और थकते नहीं थे। इस पर उनके माता-पिता चाहते थे कि उनकी इस एनर्जी को सही जगह इस्तेमाल किया जाए। इसी के चलते उन्होंने चेतन जाधव की नवी मुंबई स्थित एकेडमी में उनका दाखिला करवाया। अभिज्ञान के माता-पिता ने शुरू से ही एक शर्त मानी कि वे उनके क्रिकेट सफर में कभी दखल नहीं देंगे। पिता एक इंजीनियर हैं और मां डॉक्टर हैं, लेकिन दोनों ने प्रदर्शन का दबाव नहीं डाला। वे मैच देखने तक से दूर रहे और अपडेट कोच से ही लेते रहे।
कुंडू के कोच चेतन जाधव ने शुरुआत से ही क्रिकेट को जीवन से जोड़कर देखा। आरामदायक परिवार से आने के बावजूद अभिज्ञान को अनरिजर्व ट्रेन कोच में सफर कराया गया और एक रात रेलवे स्टेशन पर सुलाया गया। इसका मकसद कठिन हालातों को समझना था। कोच का मानना था कि सिर्फ क्रिकेट खेलना काफी नहीं, जीवन को समझना भी जरूरी है। रोजाना हजारों गेंदों का अभ्यास, रनिंग और सख्त रूटीन ने अभिज्ञान को मानसिक रूप से मजबूत बनाया।
माता-पिता का भरोसा और बिना दबाव की परवरिश के चलते वह इस स्तर तक पहुंच पाए।
लोकल क्रिकेट से लेकर अंडर-16 और अंडर-19 स्तर तक अभिज्ञान ने लगातार रन बनाए। 13 साल की उम्र तक हजारों रन, दर्जनों शतक और बड़ी पारियां उनकी प्रतिभा का प्रमाण रहीं। हाल ही में खेले गए अंडर-19 एशिया कप में भी उन्होंने दोहरा शतक जड़ा था। वह भारत के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी बांग्लादेश के खिलाफ उनकी संयमित पारी में क्रिकेट को लेकर परिपक्वता दिखाई दी। क्रिकेट के साथ पढ़ाई में भी वह पीछे नहीं है। उन्होंने 10वीं में 82 प्रतिशत अंक हासिल किए और साइंस स्ट्रीम में पढ़ाई जारी रखी। अगले महीने होने वाली परीक्षा के लिए किताबें आज भी उनके किट बैग का हिस्सा हैं।
Updated on:
18 Jan 2026 12:55 pm
Published on:
18 Jan 2026 12:55 pm
