
Reason Behind Team India Defeat on England Tour: इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम को टी20 और वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहली बार खेल रही टीम इंडिया इतिहास में पहली बार इंग्लैंड से टी20 सीरीज हार गई। उसके बाद शुभमन गिल की कप्तानी वाली वनडे टीम भी 8 साल से चले आ रहे जीत के लय का बरकरार नहीं रख पाई। इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
टीम इंडिया पहली बार आयरलैंड से किसी भी फॉर्मेट में मैच और सीरीज हारी। इस टी20 टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में थी, जो लगभग 3 साल बाद टी20 टीम का हिस्सा बने थे। दोनों मुकाबलों में टीम इंडिया एकजुट होकर प्रदर्शन नहीं कर पाई और वर्ल्ड चैंपियंस को शर्मनाक हार झेलनी पड़ी। इस सीरीज में कई उभरते हुए सितारों को मौका दिया गया, जिसमें वैभव सूर्यवंशी और सूर्यांश शेडगे शामिल थे।
आयरलैंड के खिलाफ दोनों मुकाबलों में भारतीय टीम मुश्किल से 150 के आसपास पहुंची। बल्लेबाजों के फ्लॉप शो के बाद गेंदबाज भी कुछ खास नहीं कर पाए। जिसके बाद प्लेइंग 11 के सेलेक्शन पर सवाल उठे और सीरीज हारने के बाद टीम सेलेक्शन की कमियां साफ नजर आईं। आयरलैंड दौरे पर टीम इंडिया के पास अर्शदीप सिंह के अलावा पेस अटैक के कोई अनुभवी गेंदबाज नहीं था, जो दूसरे एंड से उन्हें मदद दे पाए।
इंग्लैंड दौरे पर टी20 सीरीज में भी यही देखने को मिला। पहला मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया और बाकी 4 मैचों में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। इस सीरीज में भी बैटिंग लाइन अप में खूब बदलाव देखने को मिले और आमल ये रहा कि भारतीय टीम पहली बार इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज हार गई। इस दौरान वह एक भी मैच नहीं जीत पाई।
वनडे सीरीज में शुभमन गिल की कप्तानी में जीत के साथ शुरुआत हुई। ऐसा लगा कि टी20 टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है। शायद वक्त के साथ सब ठीक हो जाएगा। लेकिन दूसरे वनडे में भारतीय टीम हारी तो सवाल उठले लगे। इस सीरीज में भी टीम मैनेजमेंट ने प्लेइंग 11 में खूब बदलाव किए। केएल राहुल को बैटिंग ऑर्डर में नीचे भेजने और फिर ईशान किशन को श्रेयस अय्यर की जगह भेजने की आलोचना भी खूब हुई। इसके अलावा बॉलिंग कॉम्बिनेशन पर भी सवाल उठे। UK दौरे पर 10 मैचों में भारतीय टीम को एक बार ही जीत का स्वाद चखने का मौका मिला।
इस सीरीज में प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ ने 3-3 मैच खेले, लेकिन जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाज को सिर्फ 2 मैचों की प्लेइंग 11 में शामिल किया गया। कुलदीप यादव को तो एक ओवर डालने का मौका नहीं मिला। टीम इंडिया की सीरीज में हार की सबसे बड़ी वजह यही रही कि जिन खिलाड़ियों के साथ इस दौरे पर गई थी, उनका ही सही से इस्तेमाल नहीं हो पाया।