Suryakumar Yadav ने रायपुर के वीर नरायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में 37 गेंदों में 9 चौके और 4 छक्कों की मदद से नाबाद 82 रन की पारी खेली।
India vs New Zealand 2nd T20: भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला रायपुर के शहीद वीर नरायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया। इस मुकाबले में भारतीय टीम ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव की धमाकेदार पारी की बदौलत 7 विकेट से न्यूजीलैंड को हरा दिया पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 6 विकेट गंवाकर 208 रन बनाए। 209 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 15.2 ओवर में ही 3 विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस मुकाबले में ईशान किशन ने 32 गेंदों में 11 चौके और 4 छक्कों की मदद से 76 रन बनाए, तो सूर्या ने 37 गेंदों में नाबाद 82 रन की पारी खेली। सूर्या ने 14 महीने बाद अर्धशतक लगाया। इस दौरान ईशान किशन के साथ उन्होंने 122 रन की साझेदारी की, जिसने मैच का रुख ही पलट दिया। इस पारी को देख टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर काफी खुश हुए और कप्तान की जमकर तारीफ की।
जियोस्टार से बात करते हुए सुनील गावस्कर ने कहा, “सूर्या की पारी ने दिखाया कि उन्हें स्थिति की जानकारी थी। वह 11 गेंदों पर 11 रन बनाकर खेल रहे थे। 97 रनों की साझेदारी में से 76 रन ईशान किशन ने बनाए थे। यह कप्तान की परिपक्वता भी दिखाता है। दूसरा खिलाड़ी इतनी अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था, इसलिए वह उसे ज़्यादा स्ट्राइक दे रहे थे, साथ ही अपनी लय में आ रहे थे, सिंगल और डबल लेकर पैरों में सर्कुलेशन बढ़ा रहे थे और इसलिए खुद को बड़े शॉट के लिए तैयार कर रहे थे।”
गावस्कर ने बताया कि किशन के आउट होने के बाद सूर्यकुमार ने कमान संभाली, जो उनके शॉट सेलेक्शन के महत्व को बताता है। उन्होंने कहा, “ईशान किशन के आउट होने के बाद वही थे जिन्होंने पहल की और गेंद को मारना शुरू किया। ऑफसाइड से ड्राइव करना एक बड़ा प्लस पॉइंट था, क्योंकि इसका मतलब है कि वह जितना हो सके सीधे खेलने की कोशिश कर रहे थे।”
गावस्कर ने किशन और सूर्यकुमार के बीच की समझ पर भी बात की, जो आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए एक साथ खेलने के दौरान बनी थी। उन्होंने कहा, “जब आप किसी फ्रेंचाइजी के लिए खेलते हैं और पूरे भारत में यात्रा करते हुए दो महीने से ज़्यादा समय बिताते हैं, तो आप उस व्यक्ति के साथ एक रिश्ता बना लेते हैं। टीम भावना देखकर बहुत अच्छा लगा, क्योंकि मुश्किल हालात में आपको यही चाहिए होता है।”