
Lucknow Ekana Stadium Pitch Report in Hindi: भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जाने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेला जाएगा। इस पिच पर ज्यादातर बल्लेबाजों को रन बनाने में परेशानी होती रही है लेकिन इसी पिच पर कई खिलाड़ियों ने रनों का अंबार भी लगाया है। टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर ने इसी मैदान पर साल 2022 में 200 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक जड़ा था। उसी मैच में ईशान किशन ने 10 चौके और 3 छक्कों की मदद से 89 रन की पारी खेली थी। सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि इस मैदान पर अब तक खेले गए 6 मेंस इंटरनेशनल टी20 मुकाबलों में सिर्फ एक बार रन चेज हुआ है। वो भारतीय टीम ने 2023 में कारनामा किया था। इकाना स्टेडियम की पिच भारत की गिनती उनमें होती है, जहां गेंदबाजों का बोलबाला रहता है। ऐसे में चलिए जानते हैं इस पिच के आंकड़े और पिच का हाल।
लखनऊ के इकाना स्टेडियम में पहला टी20 इंटरनेशनल मुकाबला साल 2018 में खेला गया था, जहां भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को 71 रन से हरा दिया था। इसके बाद से अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज की टीमें 3 मैचों की टी20 सीरीज में इस मैदान पर आमने-सामने हुई थीं। पहले मैच में वेस्टइंडीज ने जीत का स्वाद चखा। हालांकि, अगले दोनों मुकाबलों में अफगानिस्तान ने वेस्टइंडीज को हराकर सीरीज पर कब्जा किया था।
इसके बाद श्रीलंका और इंडिया के बीच 2022 में टी20 मुकाबला खेला गया था, जिसे 62 रन से भारतीय टीम ने जीत लिया था। अब तक पांच मुकाबलों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीत हासिल की थी, लेकिन 2023 में कहानी बदल गई। टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को छह विकेट से हरा दिया। यह पहली बार था, जब इकाना स्टेडियम में रन चेज हुआ। उस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने सिर्फ 100 रन का लक्ष्य रखा था, जिसे टीम इंडिया ने चार विकेट खोकर हासिल कर लिया था।
उस मुकाबले में अर्शदीप सिंह ने सिर्फ दो ओवर में सात रन देकर दो विकेट चटका लिए थे, तो वहीं युजवेंद्र चहल ने दो ओवर में सिर्फ चार रन दिए थे। इसके अलावा कुलदीप यादव भी उस मैच में खेले थे, जहां उन्होंने चार ओवर में 17 रन देकर एक विकेट लिया था। ओवरऑल गेंदबाजी आंकड़ों और रन चेज का रिकॉर्ड देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना पसंद करेगी।
लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच की बात की जाए तो यहां की पिच काली और लाल मिट्टी से मिलकर बनी हुई है। यहां अगर बल्लेबाज थोड़ा सा संयम के साथ खेलें तो बड़े स्कोर बना सकते हैं। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को काफी मूवमेंट मिलती है और जितनी गेंद पुरानी होती जाती है, स्पिनर्स का दबदबा बढ़ता जाता है। पिच धीमी है और बाउंस कम है, जिससे दोनों तरह के गेंदबाजों को फायदा मिलता है।