
Sanju Samson vs Vaibhav Suryavanshi: टीम इंडिया के दिग्गज सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के आखिरी 2 मुकाबलों में अर्धशतकीय पारी खेली थी। उसके बाद 4 मैच में वह कुल 29 रन बना पाए हैं। जापान के खिलाफ 9 रन बना पाए तो श्रीलंका के खिलाफ एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में 7 रन और फाइनल में पाकिस्तान के खिलाप 2 रन बनाकर चलते बने। इस प्रदर्शन के बाद ऐसा लग रहा है कि वह खुद ही वैभव सूर्यवंशी के लिए प्लेइंग 11 में जगह बना रहे हैं।
दूसरी ओर सूर्यवंशी का इंटरनेशनल डेब्यू कुछ खास नहीं रहा था। इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू सीरीज के 3 मुकाबलों में वह सिर्फ 42 रन बना पाए थे। हालांकि जिम्बब्वे दौरे पर जब उन्हें संजू सैमसन की गैर मौजूदगी में उन्हें ओपनिंग का मौका मिला, तो उन्होंने 3 मैचों की सीरीज में दो अर्धशतकीय पारी खेल डाली। इस प्रदर्शन को देखते हुए एशियन गेम्स में मैनेजमेंट ने तीनों ओपनर्स यानी अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी को एक साथ प्लेइंग 11 में शामिल करने का फैसला किया।
एशियन गेम्स में टीम इंडिया ने भले ही गोल्ड मेडल जीता लेकिन ओपनिंग जोड़ी कुछ खास नहीं कर सकी। अभिषेक शर्मा के साथ सूर्यवंशी ने पहले मुकाबले में 38 और दूसरे मुकाबले में 15 रन बनाए। संजू सैमसन भी वन डाउन पर बल्लेबाजी करते नजर आए लेकिन उनका बल्ला भी खामोश रहा। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में टीम इंडिया एक बार फिर संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के साथ जाने का फैसला किया।
संजू सैमसन का बल्ला सीरीज के पहले मुकाबले में भी नहीं चला और वह सिर्फ 11 रन बनाकर आउट हो गए। उनके आउट होने के तरीके को देख गौतम गंभीर भी निराश नजर आए थे। इसके बावजूद रांची टी20 में उनकी जगह पक्की मानी जा रही है लेकिन अगर दूसरे टी20 में भी उनका बल्ला नहीं चलता है तो फिर अगले मैच से उन्हें बाहर बैठना पड़ सकता है।
लगातार 4 फ्लॉप पारियों के बाद संजू सैमसन की टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह पर सवाल उठे हैं और उनकी जगह वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल किए जाने की मांग होने लगी है। पिछली सभी पारियों में सैमसन बेहद कमजोर शॉट लगाते हुए आउट हुए हैं। इस वजह से उनकी और भी आलोचना हो रही है। हालांकि टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने वेस्टइंडीज सीरीज से पहले संजू सैमसन का समर्थन करने की बात कही थी। ऐसे में संभव है कि सैमसन रांची टी20 में दिखें। लेकिन इस मैच में भी सैमसन का बल्ला नहीं चलता तो फिर प्लेइंग इलेवन से बाहर हो सकते हैं।