भारत और वेस्टइंडीज के बीच चल रहे टेस्ट मुकाबले में युवा भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा है।
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना बिलकुल भी आसान नहीं है। एक ख़राब प्रदर्शन आपको टीम से बाहर कर सकता है। किसी भी खिलाड़ी को भारतीय टीम में चुने जाने से पहले घरेलु क्रिकेट में सैकड़ों रन बनाने पड़ते हैं या थोक में विकेट लेने पड़ते हैं। यह सब करने के बाद भी भारतीय क्रिकेट में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा के कारण कई खिलाड़ी इस मौके से चूक जाते हैं। ऐसे में एक दौरे पर ख़राब प्रदर्शन किसी भी खिलाड़ी के करियर पर ताला लगा सकता है। भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज मुरली विजय और हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या भी इस प्रतिस्पर्धा में पीछे छूट सकते हैं और अपने करियर को खो सकते हैं। आइए जानते हैं क्यों विजय और पंड्या का करियर खतरे में है।
टेस्ट करियर पर खतरे के दो कारण-
हार्दिक पंड्या और मुरली विजय के टेस्ट करियर पर इन दो कारणों से ताला लग सकता है। पहला यह कि इन दोनों का इंग्लैंड दौरे पर प्रदर्शन ख़राब रहा था और दूसरा यह कि वेस्टइंडीज सीरीज में इन दोनों की जगह टीम में शामिल किए गए खिलाड़ियों ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया है।
विजय का इंग्लैंड में प्रदर्शन और उनका विकल्प-
मुरली विजय ने इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज की 4 पारियों में 26 रन बनाए थे। वह दूसरे टेस्ट की दोनों पारियों में 0 रन बनाकर आउट हुए थे। हलाकि इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते हुए अच्छा प्रदर्शन किया था। मुरली को वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम में जगह नहीं मिली और इस खली जगह को भरने का काम पृथ्वी शॉ ने किया। स्कूल क्रिकेट से ही स्टार बन चुके पृथ्वी ने रणजी और दलीप ट्रॉफी में डेब्यू शतक के बाद अपने टेस्ट डेब्यू में भी शतक ठोका। पृथ्वी ने अपने पहले टेस्ट में 18 साल कि उम्र में 134 रनों की पारी खेली। अब यह निश्चित है कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी भारतीय टीम में पृथ्वी को विजय के ऊपर तरजीह दी जाएगी।
हार्दिक का इंग्लैंड में प्रदर्शन और उनका विकल्प-
हार्दिक का प्रदर्शन इंग्लैंड में भारत के लिए चिंता का सबब बना था। हार्दिक ने बल्लेबाजी में 4 मैचों की 8 पारियों में सर्वाधिक 52 रनों की पारी के साथ 164 रन बनाए थे। उनके गेंदबाजी प्रदर्शन पर नजर डाले तो एक बार 5 विकेट झटकने के अलावा उन्होंने साधारण प्रदर्शन किया। उन्होंने 4 मैचों में केवल 10 विकेट ही झटके। जिसमे एक पारी में ही उन्होंने 5 विकेट झटके थे। उनके विकल्प पर चर्चा की जाए तो भारत के नंबर एक ऑल राउंडर रविंद्र जडेजा का नाम आता है जिन्होंने इंग्लैंड दौरे पर आखिरी टेस्ट में मिले मौके को अच्छे से भुनाया था। जडेजा ने पहली पारी में नाबाद 86 रन की पारी खेली थी और मैच में 7 विकेट भी झटके थे। इसके बाद जडेजा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मिले मौके पर भी शानदार शतक जमाया। उन्होंने नाबाद 100 रनों की पारी खेली। इसके साथ ICC रैंकिंग में भी जडेजा विश्व के दूसरे बेस्ट टेस्ट ऑल राउंडर हैं। निश्चित तौर पर आंकड़ों के हिसाब से वह ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए हार्दिक पंड्या से बेहतर विकल्प हैं।