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जानें कौन हैं भारतीय अंडर-19 टीम के नए कप्तान मोहम्मद अमान? छोटी सी उम्र में हुए अनाथ, संघर्ष की कहानी सुन भर आएंगी आंखें

India Under19 Captain Mohammad Amaan Cricket Journey: भारतीय अंडर-19 वनडे टीम के कप्तान बने 17 वर्षीय मोहम्मद अमान मीडिया की सुर्खियों में हैं। अमान के लिए पिछले कुछ साल बुरे सपने की तरह रहे। इस दौरान उन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया। उनके संघर्षों की कहानी सुन आपकी भी आंखें भर आएंगी।

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India Under19 Captain Mohammad Amaan Cricket Journey: सफलता आसानी से नहीं मिलती, इसके लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है और भारतीय अंडर-19 वनडे टीम के कप्तान बने 18 वर्षीय मोहम्मद अमान इसका उदाहरण हैं। ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम के कप्तान चुने गए बल्लेबाज मोहम्मद अमान के लिए पिछले कुछ साल बुरे सपने की तरह रहे। इस दौरान उन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया। सहारनपुर (यूपी) के खान आलमपुर के रहने वाले अमान के लिए मुश्किल हालातों में क्रिकेट खेलना मुश्किल हो गया था, लेकिन उन्होंने ना सिर्फ अपनी बहनों को संभाला, बल्कि नए हौसले के बाद मैदान पर भी जोरदार वापसी की।

बुरे हालातों का जिक्र कर भावुक हो जाते हैं

2014 से क्रिकेट खेल रहे अमान ने कहा, पापा एक प्राइवेट कंपनी में गाड़ी चलाते थे, लेकिन 2019 में एक दुर्घटना में वह बुरी तरह से घायल हो गए। चोटिल होने के कारण उनकी नौकरी भी चली गई। पिछले साल उनका देहांत हो गया। इससे पहले, 2020 में कोरोना के समय मां की मृत्य हो गई। इन दो झटकों से मैं बुरी तरह से टूट गया था।

सहारा मिला तो वापसी कर सका

अमान ने कहा, माता-पिता के जाने और घर की आर्थिक हालत खराब होने के कारण मैने सोचा था कि अब क्रिकेट छोड़ दूं, लेकिन सहारनपुर क्रिकेट संघ और बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने मुझे सहारा दिया और मुझे हर संभव मदद दी। इसी कारण आज मैं इस मुकाम तक पहुंच सका हूं।

क्रिकेट से चलती है जीवन की गाड़ी

अमान ने कहा, मेरे पास नौकरी नहीं है। इस कारण यूपी टीम और अन्य टूर्नामेंट में खेलने से जो मैच फीस मिलती है, उससे मैं अपना और दो छोटे भाई और एक बहन का खर्चा उठाता हूं। पिछले साल अंडर-19 विश्व कप टीम के साथ मैं स्टैंडबाई के तौर पर था। इसके बाद से मेरी आर्थिक स्थिति कुछ अच्छी हुई।

काश आज माता-पिता जीवित होते

अमान ने कहा कि उनके माता-पिता बहुत पढ़े-लिखे नहीं थे और वह नहीं चाहते थे कि मैं क्रिकेट खेलूं। लेकिन मैं स्थानीय टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करता था, तो लोगों ने उनसे कहा कि मुझे खेलने दें। मुझे अफसोस होता है कि काश वह आज जीवित होते तो मुझे खेलते हुए काफी खुश होते।

सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करने पर फोकस

मेरी कोशिश है कि मैं अपने खेल पर फोकस कायम रखूं। यदि मैं लगातार अच्छा खेलता रहा तो मेरा ना सिर्फ आईपीएल बल्कि भारतीय टीम के लिए भी खेलने का सपना एक दिन जरूर पूरा होगा।

Updated on:
02 Sept 2024 04:24 pm
Published on:
02 Sept 2024 08:46 am
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