
ब्रिस्बेन : लगता है कि भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री को तथ्यों से कोई लेना-देना नहीं है। तथ्य तो दूर अभी चल रही अंतरराष्ट्रीय टूर पर भी वह नजर डाल लेते तो उन्हें पता चल जाता है कि वह जो बयान दे रहे हैं, हकीकत से कोसों दूर है। रविवार को आस्ट्रेलिया में उन्होंने टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्रिकेट सीरीज शुरू होने से पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में कोई भी टीम विदेशी धरती पर बेहतर साबित नहीं हुई है। इसके बावजूद हर बार भारत को ही निशाना क्यों बनाया जाता है। यह उचित नहीं है। जबकि अभी-अभी दक्षिण अफ्रीका आस्ट्रेलिया को उसके देश में हरा कर लौटी है तो इंग्लैंड ने श्रीलंका के साथ उसके देश में चल रहे तीन टेस्ट सीरीज के पहले दो मैच जीतकर सीरीजज अपने नाम कर चुके हैं। वहीं जिम्बाब्वे जैसी टीम भी बांग्लादेश में चल रही टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर रही है। ऐसे में रवि शास्त्री का यह बयान हास्यापद लगता है। वह भी इसलिए कि कुछ ही समय पहले उन्होंने वर्तमान टीम इंडिया को सर्वश्रेष्ठ टीम करार दिया था, जिस पर काफी बवाल भी मचा था।
इंग्लैंड और अफ्रीका से हाल ही में हारा है भारत
बता दें कि इसी साल दक्षिण अफ्रीका (1-2) और इंग्लैंड (1-4) के खिलाफ भारत को उनकी धरती पर हार का सामना करना पड़ा है। स्मिथ तथा वार्नर के नहीं होने की वजह से आस्ट्रेलिया टीम फिलहाल पस्तहाल है और वह लगातार हार रही है। ऐसे में विशेषज्ञ मान रहे हैं कि भारत के पास आस्ट्रेलिया को हराने का अच्छा मौका है। वहीं रवि शास्त्री की इस तरह का हताशा वाला बयान यह बताता है कि वह पहले ही हथियार डाल रहे हैं।
सीखना होगा गलतियों से
जब शास्त्री से से पूछा गया कि भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया सीरीज जीतना कितना महत्वपूर्ण है तो उन्होंने कहा कि अपनी गलतियां से हमें सीखना होगा। जब आप विदेशी दौरे पर जाते हैं और जब आप आजकल विदेशी दौरा करने वाली टीमों को देखते हैं, तो ऐसी काफी टीमें नहीं हैं जो विदेश में अच्छा करती हैं। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने 90 और कुछ समय तक अगले दशक में ऐसा किया। दक्षिण अफ्रीका भी कुछ समय ऐसा करने में सफल रहा। पिछले पांच से छह साल में आप बताइए किस टीम ने विदेशी सरजमीं पर अच्छा प्रदर्शन किया, तो फिर भारत का ही नाम क्यों लिया जा रहा है?
कहा- नतीजे असली कहानी बयान नहीं करते
जब शास्त्री से यह पूछा गया कि दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में आखिर क्यों हार का सामना करना पड़ा? क्या इस बारे में कोहली से बात की तो उन्होंने कहा कि हमने बड़े मौकों का फायदा उठाने की बात की। अगर आप टेस्ट मैचों को देखें तो नतीजा आपको असली कहानी बयां नहीं करते। कुछ बेहद करीबी टेस्ट मैच खेले गए और कुछ बड़े लम्हों को हमने बुरी तरह गंवाया जिसके कारण अंत में हमें सीरीज गंवानी पड़ी।
खेल पर लगाना चाहते हैं ध्यान
शास्त्री ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को कमजोर मानने से भी इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर आपके अंदर एक बार खेल संस्कृति आ जाए तो हमेशा बरकरार रहती है। घरेलू मैदान पर कोई टीम कमजोर नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान न करे कि ऐसा हो लेकिन संभव है कि जब कोई टीम भारत आए तो हमारे तीन या चार खिलाड़ी न खेल रहे हो, लेकिन अगर कोई सोचता है कि यह कमजोर टीम है तो उसे हैरान होना पड़ सकता है।