
India vs England Manchester T20: क्रिकेट के इतिहास में कुछ यादें ऐसी होती हैं जो कभी धुंधली नहीं पड़तीं। साल 2019 के वर्ल्ड कप का वो सेमीफाइनल मैच भी कुछ ऐसा ही था, जिसने करोड़ों भारतीय फैंस को ऐसा जख्म दिया जो आज भी ताजा है। वैसे तो भारत अब तक केवल दो बार वन-डे का वर्ल्ड चैंपियन बना है, पहली बार 1983 में कपिल देव की कप्तानी में और दूसरी बार 2011 में एमएस धोनी की कप्तानी में। टीम इंडिया चार बार फाइनल में भी पहुंची है, जिसमें से दो बार उसे ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा। लेकिन फैंस के लिए फाइनल की हार से भी ज्यादा दर्दनाक 2019 के सेमीफाइनल की वो हार थी, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली थी।
मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान (Old Trafford Manchester Ground) पर खेला गया यह मैच बारिश के कारण दो दिनों (9 और 10 जुलाई) तक चला था। पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 239 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही। भारत के टॉप-3 स्टार बल्लेबाज केएल राहुल, विराट कोहली और रोहित शर्मा सिर्फ 1-1 रन बनाकर आउट हो गए। 24 रन पर 4 विकेट गिरने के बाद ऐसा लगा कि मैच हाथ से निकल गया है।
लेकिन इसके बाद एमएस धोनी और रवींद्र जडेजा ने मोर्चा संभाला। दोनों के बीच 116 रनों की कमाल की साझेदारी हुई। जडेजा ने 59 गेंदों में 77 रनों की तूफानी पारी खेली, जबकि धोनी ने 72 गेंदों में 50 रन बनाए। जब जडेजा आउट हुए, तब भी धोनी क्रीज पर थे और जीत की उम्मीदें जिंदा थीं।
तभी 49वें ओवर की तीसरी गेंद पर वो हुआ जिसने पूरे देश को रुला दिया। धोनी ने दो रन चुराने की कोशिश की, लेकिन बाउंड्री से मार्टिन गप्टिल के एक सीधे और सटीक थ्रो ने उन्हें क्रीज से महज कुछ इंच दूर रहते हुए रन आउट कर दिया। धोनी ने बाद में अफसोस भी जताया था कि काश उन्होंने डाइव लगाई होती। जैसे ही थर्ड अंपायर ने रेड लाइट जलाई, धोनी नम आंखों से पवेलियन की ओर चल दिए। भारत यह मैच 18 रनों से हार गया।
शनिवार 4 जुलाई को भारतीय टीम एक बार फिर उसी मैनचेस्टर के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा टी20 मैच खेलने उतर रही है। आयरलैंड से सीरीज हारने और इंग्लैंड के खिलाफ पहला मैच बारिश में धुलने के बाद, टीम इंडिया के लिए यह मैच बेहद अहम है। लेकिन इस मैदान पर कदम रखते ही फैंस के जहन में गप्टिल का वो थ्रो और धोनी की नम आंखें एक बार फिर ताजा हो गई हैं।