
India Women vs Thailand Women: वूमेंस एशिया कप 2026 के अपने पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने थाईलैंड को 94 रन से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने शैफाली वर्मा के शानदार अर्धशतक की बदौलत 159 रन का स्कोर खड़ा दिया। जवाब में थाईलैंड की टीम सिर्फ 65 रन पर ढेर हो गई। भारत के लिए दीप्ति शर्मा ने 7 गेंदों में बगैर कोई रन दिए 3 विकेट निकाले। इन 3 विकेटों के साथ वह वूमेंस टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गई। दीप्ति ने थाईलैंड की थिपाचा पुत्थावोंग को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम 170 विकेट दर्ज हैं। इस एकतरफा जीत के बावजूद टीम इंडिया की टेंशन बढ़ गई है।
वर्ल्ड रैंकिंग में 12वें स्थान पर मौजूद थाईलैंड के सामने टीम इंडिया के 6 बल्लेबाजों का दहाई का आंकड़ा भी न छूना चिंता का विषय है। शेफाली और प्रतिका रावल के अलावा कोई भी बल्लेबाज 20 के आंकड़े को भी पार नहीं कर सका और उसके 9 विकेट गिर गए। हरमनप्रीत कौर 5, ऋचा घोष 0, दीप्ति शर्मा 5 और स्मृति मंधाना 19 रन बनाकर आउट हुईं। ऐसे में टीम इंडिया आने वाले मुकाबलों से पहले इस कमजोरी को दूर करनी होगी।
दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में टॉस हारने के बाद टीम इंडिया बल्लेबाजी के लिए उतरी। भारतीय टीम दमदार शुरुआत के बावजूद 9 विकेट खोकर 159 रन ही बना सकी। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की सलामी जोड़ी ने 18 गेंदों में 38 रन की साझेदारी की। मंधाना 10 गेंदों में 19 रन बनाकर आउट हुईं, जिसके बाद शेफाली ने प्रतिका रावल के साथ दूसरे विकेट के लिए 36 गेंदों में 53 रन जुटाकर टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया था।
भारतीय टीम को 9वें ओवर की अंतिम गेंद पर प्रतिका (22) के रूप में दूसरा झटका लगा, जिसके बाद विकेटों का पतझड़ लग गया। टीम इंडिया ने 13वें और 17वें ओवर में दो-दो विकेट गंवाए। दूसरी ओर शेफाली 36 गेंदों में 3 छक्कों और 8 चौकों के साथ 64 रन बनाकर पवेलियन लौटीं।
भारत ने 17.2 ओवरों तक 9 विकेट के नुकसान पर 137 रन ही जुटाए थे। यहां से क्रांति गौड़ ने श्री चरणी के साथ अंतिम विकेट के लिए 16 गेंदों में 22 रन की अटूट साझेदारी करते हुए टीम को किसी तरह चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया। भारत ने सिर्फ 29 रन पर अपने अंतिम सात विकेट गंवाए। थाईलैंड की तरफ से सुलीपोर्न लाओमी ने 4 ओवरों में 26 रन देकर 3 विकेट हासिल किए, जबकि सुनिदा चतुरोंगरात्तन ने 2 विकेट निकाले। इनके अलावा, चानिदा सुथिरुआंग और थिपाचा पुत्थावोंग 1-1 विकेट हासिल कर सकीं।
इसके जवाब में थाईलैंड की टीम 16.1 ओवर में सिर्फ 65 रन पर सिमट गई। इस टीम को पांचवीं गेंद पर नट्टाकन चंतम (4) के रूप में पहला झटका लगा। इसके बाद विकेटों का पतझड़ लग गया। हालांकि, नन्नापत कोंचारोएनकाई ने मोर्चा संभाले रखा, लेकिन दूसरे छोर पर उनका किसी ने साथ नहीं दिया। टीम ने कोंचारोएनकाई के रूप में अपना अंतिम विकेट गंवाया, जो 48 गेंदों में 5 चौकों के साथ 41 रन बनाकर पवेलियन लौटीं। उनके अलावा, इस पारी में कोई अन्य बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सकीं।
भारत की तरफ से दीप्ति शर्मा ने 1.1 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें बगैर कोई रन दिए 3 विकेट झटके और वह वूमेंस इंटरनेशनल टी20 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाद बन गईं। इनके अलावा, नंदिनी ने 18 रन देकर इतने ही विकेट चटकाए। श्री चरणी को 2 विकेट हाथ लगे, जबकि क्रांति गौड़ ने 1 विकेट अपने नाम किया। 'ग्रुप-ए' में मौजूद भारतीय टीम 3 सितंबर को अपने अगले मैच में हांगकांग का सामना करेगी, जिसके बाद 5 सितंबर को उसकी भिड़ंत पाकिस्तान से होगी।