Angkrish Raghuvanshi Out Controversy: क्या KKR के अंगकृष रघुवंशी सच में आउट थे? अंपायर के 'Obstructing the Field' फैसले पर आकाश चोपड़ा और एक्सपर्ट्स ने उठाए सवाल। जानिए क्या कहता है क्रिकेट का नियम।
Angkrish Raghuvanshi Obstructing the Field Out: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी के साथ जो हुआ, उसने क्रिकेट जगत को दो हिस्सों में बांट दिया है। आईपीएल के 19 सालों के इतिहास में वो केवल चौथे ऐसे खिलाड़ी बने जिन्हें 'Obstructing the Field' (फील्डिंग में बाधा डालना) के तहत आउट दिया गया।
मैच के दौरान थर्ड अंपायर रोहन पंडित ने जब अपना फैसला सुनाया, तो पूरी दुनिया ने उसे लाइव सुना। अंपायर का कहना था कि रघुवंशी ने रन दौड़ते समय अपनी दिशा बदली। उन्होंने दो बातें चेक की, पहली ये कि क्या रघुवंशी ने दौड़ते समय अचानक रास्ता बदला? दूसरा, क्या उनके पास ऐसा करने की कोई ठोस वजह (Probable Cause) थी? अंपायर को लगा कि रघुवंशी ने जानबूझकर फील्डर की थ्रो के बीच में आने के लिए अपना रास्ता बदला। नियम (IPL Clause 37.1.4) कहता है कि अगर बल्लेबाज जानबूझकर रास्ता बदलता है और थ्रो रोकता है, तो उसे आउट दिया जाना चाहिए, चाहे गेंद स्टंप्स पर लग रही हो या नहीं।
दिग्गज कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि, 'रघुवंशी का मुड़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया थी। जैसे कोई गाड़ी यू-टर्न लेती है, वैसे ही बल्लेबाज मुड़ा। इसे जानबूझकर बाधा डालना नहीं कहा जा सकता।' संजय बांगर और कार्लोस ब्रेथवेट जैसे दिग्गजों ने भी कहा कि आप किसी दौड़ते हुए खिलाड़ी से 180 डिग्री पर मुड़ने की उम्मीद नहीं कर सकते, मुड़ते समय थोड़ा घेरा (Turning Radius) बनता ही है।
इस फैसले के बाद केकेआर का खेमा काफी गुस्से में दिखा। कोच अभिषेक नायर की चौथे अंपायर के साथ तीखी बहस भी हुई। अंगकृष रघुवंशी काफी निराश दिखे और गुस्से में उन्होंने अपना हेलमेट तक फेंक दिया। टीम मैनेजमेंट की ओर से भी अंपायर से बहस हुई, लेकिन फैसला नहीं बदला। फैंस का मानना है कि रघुवंशी सिर्फ गेंद से खुद को बचा रहे थे या तो रन पूरा करने की कोशिश कर रहे थे।
क्रिकेट का कानून कहता है कि बल्लेबाज की नीति (Intent) से अंपायर को मतलब नहीं है। अगर दिशा बदली और थ्रो में रुकावट आई, तो आउट दिया जा सकता है। लेकिन विवाद इस बात पर है कि क्या वो बदलाव जानबूझकर था या सिर्फ एक नेचुरल मूवमेंट? रघुवंशी का आउट होना केकेआर के लिए बड़ा झटका था। तकनीकी तौर पर अंपायर शायद अपनी जगह सही हो, लेकिन खेल की भावना और नेचुरल मूवमेंट के लिहाज से यह फैसला हमेशा सवालों के घेरे में रहेगा।