क्रिकेट

IPL 2018: अब खिलाड़ी होंगे मालामाल, बजट से ले कर स्क्वॉड के साइज तक बहुत कुछ बदला

आईपीएल टीमों के लिए अगले चरण से खिलाड़ियों को खरीदने के बजट को 66 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 80 करोड़ रुपये कर दिया है

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IPL governing council changed the team budget and the policies

नई दिल्ली। आईपीएल का 11वां सीजन अप्रैल 2018 में होने वाला है। आईपीएल के 11वे सीजन के लिए खिलाड़ियों की नीलामी होने वाली है ऐसे में सब की निगाहें इस बात पर टिकी है की कौन सी टीम किस खिलाड़ी को रिटेन करेगी। बता दें इससे पहले आईपीएल गर्वनिंग काउंसिल ने फैसला किया था के इस साल प्रत्येक टीम मात्र 3 खिलाड़ी ही रिटेन कर सकती है। लेकिन अब इसे बढ़ा कर वापस 5 कर दिया गया है।

अब पांच खिलाड़ी रिटेन कर सकते है
अब सभी टीम पिछले सीजन से अपने पांच खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती है। जिसमें 3 भारतीय खिलाड़ी होने और 2 विदेशी, रिटेन किये हुए पहले खिलाड़ी को 15 करोड़ रुपए देने होंगे पिछले सीजन के मुकाबले ये 2.5 करोड़ रुपए ज्यादा है। आईपीएल सीजन 10 तक रिटेन किए गए पहले खिलाड़ी को फ्रेंचाइजी द्वारा 12.5 करोड़ रुपए दिए जाते थे। रिटेन किये हुए पांच पुराने खिलाड़ियों में तीन खिलाड़ियों को रिटेन किया जाएगा वहीं बाकि दो को राइट टू मैच का इस्तेमाल कर वापस लिया जा सकता है।पहले रिटेन किए गए क्रिकेटर को 15 करोड़ रुपए मिलेंगे। वहीं दूसरे रिटेन किए गए क्रिकेटर को 11 करोड़ तीसरे रिटेन क्रिकेटर को 7 करोड़

अब प्रत्येक टीम के पास 80 करोड़ का बजट
खिलाड़ियों को खरीदने का टीम का बजट भी बढ़ा दिया गया है। पहले एक फ्रेंचाइजी के पास 60 करोड़ रूपए का बजट होता था लेकिन अब उसे बढ़ा कर 80 करोड़ रूपए कर दिया गया है। अब प्रत्येक टीम 8 टीम खिलाड़ियों को खरीदने के लिए 80 करोड़ रूपए खर्च कर सकती है। 80 करोड़ के बजट में प्रत्येक टीम को काम से काम 75% राशि खर्च करनी जरुरी है। नीलामी में हिस्सा लेने वाले अनकैप्ड खिलाड़ियों की काम से काम रकम 20 लाख होगी। पिछले सीजन में यह रकम 10 लाख रूपए थी।

टीम का साइज भी घटा
वहीं स्क्वॉड का साइज भी घटा दिया गया है। पहले एक टीम में अधिकतम खिलाड़ी 27 होते थे अब इसे घटा कर 25 कर दिया गया है वहीं पहले एक टीम में अधिकतम 9 विदेशी खिलाड़ी होते थे अब उसे भी घटा कर 8 कर दिया गया है। किसी भी टीम में 18 से कम खिलाड़ी नहीं होंगे काम से काम 18 खिलाड़ियों की स्क्वॉड होना अनिवार्य है।

क्या है राइट टू मैच
मान लीजिये अगर कोई खिलाड़ी पिछले सीजन में दिल्ली टीम के लिए खेला था। उस खिलाड़ी की नीलामी में सबसे अधिक बोली मुंबई टीम लगाती है। पर अब यदि दिल्ली टीम उस खिलाड़ी को अपने साथ ही रखना चाहती है तो वह "राइट टू मैच’ कार्ड का इस्तेमाल करेगी। लेकिन इसके लिए उसे उतनी ही रकम देनी होगी, जितनी मुंबई ने बोली लगाई थी।

Updated on:
07 Dec 2017 02:33 pm
Published on:
07 Dec 2017 02:30 pm
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