भारत को विश्व कप जिता चुके कपिल देव ने जब क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा, तब पूरी दुनिया में West Indies Cricket Team के तेज गेंदबाजों का खौफ था।
नई दिल्ली : कपिल देव (Kapil Dev) भारत के अब तक के महानतम तेज गेंदबाज और हरफनमौला हैं, इसमें शायद ही किसी को शक होगा। इस बात को विश्व के बेहतरीन सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) भी मानते हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि कपिल देव भारत के सबसे बड़े मैच विजेता हैं। लेकिन कपिल देव के तेज गेंदबाज बनने की कहानी भी बड़ी रोचक है। एक अधिकारी के साथ हुए झगड़े की वजह से उन्होंने ठान लिया था कि वह अब तो तेज गेंदबाज ही बनेंगे और अपने प्रदर्शन से उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया।
कपिल भारत के पहले तेज गेंदबाज
1932 में भारत ने टेस्ट खेलने की पात्रता हासिल की थी। उस वक्त भारत के पास अमर सिंह (Amar Singh) और मोहम्मद निसार (Mohammad Nisar) नाम के दो तेज गेंदबाज होते थे। हालांकि इन दोनों का क्रिकेट करियर लंबा नहीं रहा। अमर सिंह ने 7 टेस्ट तो मोहम्म्द निसार ने महज 6 टेस्ट मैच खेले। इसके बाद 1978 में टीम इंडिया में आए कपिल देव ही वास्तविक तेज गेंदबाज हैं।
वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों की बोलती थी तूती
भारत को विश्व कप जिता चुके कपिल देव ने जब क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा, तब पूरी दुनिया में वेस्टइंडीज (West Indies Cricket Team) के तेज गेंदबाजों का खौफ था। उस समय भारत में वर्ल्ड क्लास तो दूर एक अदद तेज गेंदबाज की भी कमी थी। टीम इंडिया स्पिन चौकड़ी बिशन सिंह बेदी, बीएस चंद्रशेखर, ईरापल्ली प्रसन्ना और एस वेंकटराघवन के भरोसे टेस्ट मैच में उतरती थी। 1978 में कपिल देव के डेब्यू के बाद जाकर भारत को सही मायने में एक ऐसा तेज गेंदबाज मिला, जो मैच विजेता भी था।
भारत में हो सकता है तेज गेंदबाज किसी को नहीं था यकीन
बतौर तेज गेंदबाज कपिल देव का टीम में आना सच में एक करिश्मे की तरह था। क्योंकि करीब पांच दशक (1932 से अक्टूबर 1978 तक) के भारत के अंतरराष्ट्रीय करियर में सच्चे अर्थों में भारत को कोई भी तेज गेंदबाज नहीं मिला था। इस वजह से कपिल के पहले भारत में तेज गेंदबाज भी पैदा होगा इस पर कोई यकीन नहीं करता था। आज भले ही टीम इंडिया में तेज गेंदबाजों की भरमार हो, लेकिन इसी बात को लेकर शुरुआती दौर में कपिल का एक क्रिकेट अधिकारी से झगड़ा हो गया था।
अधिकारी से झगड़े ने बनाया तेज गेंदबाज
हाल ही में महिला भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा कोच और बाएं हाथ के पूर्व सलामी बल्लेबाज डब्लूवी रमन (WV Raman) से एक बातचीत में कपिल देव ने यह खुलासा किया कि हालांकि वह शुरू से ही बनना तो तेज गेंदबाज ही चाहते थे, लेकिन अपने इस फैसले को लेकर वह ज्यादा गंभीर तब हुए, जब एक कैंप के दौरान एक अधिकारी ने उनके तेज गेंदबाज होने पर सवाल उठा दिया। कपिल ने रमन से कहा कि आपको पता ही है कि कैंप के दौरान अधिकारी कई बार कितनी सख्ती से पेश आते हैं। एक बार उनकी एक अधिकारी से बहस हो गई। कपिल ने बताया कि उस अधिकारी ने गुस्से में उनसे पूछा वह करते क्या हैं? जब कपिल ने बताया कि वह तेज गेंदबाज हैं तो उन्होंने गुस्से में कहा कि भारत में कभी कोई तेज गेंदबाज नहीं रहा। कपिल ने कहा कि यही बात उन्हें चुभ गई और उन्होंने तय किया कि वह अब तेज गेंदबाज बनकर सबको गलत साबित करेंगे।