
Mohammed Shami Retirement: मोहम्मद शमी ने 6 नवंबर की रात अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। उन्हें लंबे समय से इस फॉर्मेट से दूर रखा गया है। हालांकि वह पिछले डेढ़ साल से कोई भी इंटरनेशनल मैच नहीं खेल पाए हैं। आखिरी बार उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में देखा गया था। लेकिन न्यूजीलैंड दौरे पर जब उन्हें किसी भी टीम में जहग नहीं मिली तो उन्होंने 13 साल के टेस्ट करियर पर विराम लगा दिया।
बचपन के कोच बदरुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि उन्होंने और शमी के परिवार ने उन्हें टेस्ट क्रिकेट से संन्यास न लेने के लिए कई बार कहा था, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं चुने जाने के बाद शमी को लगा कि अब उनकी वापसी की कोई गुंजाइश नहीं बची है। इसलिए उन्होंने संन्यास लेने का फैसला कर लिया। 13 साल पहले ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने इस लंबे फॉर्मेट में अपना डेब्यू किया था। नई और पुरानी दोनों गेंदों से सीम और स्विंग कराने में माहिर शमी ने अपने टेस्ट करियर का समापन 64 मैचों में 229 विकेटों के साथ किया। उनका औसत 27.71 रहा और उन्होंने छह बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लिए।
शमी इस फॉर्मेट में भारत के लिए सर्वाधिक विकेट लेने वाले 12वें गेंदबाज हैं और तेज गेंदबाजों की सूची में छठे स्थान पर हैं। सिद्दीकी ने शनिवार को 'आईएएनएस' से कहा, "यह सब काफी समय से चल रहा था। मैंने उन्हें ऐसा करने से रोका था और थोड़ा और इंतजार करने को कहा था। पिछले एक साल से वह काफी परेशान चल रहे थे। जाहिर है, जब आपको खेलने और प्रदर्शन करने का मौका न मिले, तो कोई भी खिलाड़ी परेशान हो ही जाएगा। यह काफी समय से चल रहा था। लेकिन जब उन्हें लगा कि न्यूजीलैंड सीरीज के बाद वापसी की कोई उम्मीद नहीं बची है, तो उन्होंने यह घोषणा करने का फैसला किया।"
उन्होंने यह भी बताया कि भुवनेश्वर कुमार की राष्ट्रीय टीम में वापसी से उन्हें थोड़ी उम्मीद जगी थी कि शायद शमी की भी वापसी हो जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा, "यह काफी समय से चल रहा था। उनके बड़े भाई, उनके परिवार और बाकी सभी लोगों ने उनसे कहा था कि थोड़ा और इंतजार करें और इतनी जल्दबाजी न करें, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उन्हें लग रहा था कि अब आगे बढ़ जाना चाहिए। मुझे लगा था कि जब भुवनेश्वर कुमार को टी20 टीम में वापस बुलाया गया, तो शायद शमी को भी न्यूजीलैंड सीरीज, वनडे या टेस्ट सीरीज में मौका मिल जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, अब मैं क्या कह सकता हूं?"
सिद्दीकी ने बताया कि शमी ने शायद ही कभी अपनी निराशा जाहिर की, भले ही लंबे इंतजार ने उन्हें अंदर से थका दिया हो। उन्होंने कहा, "पहले मैं उन्हें ऐसा करने से रोकता था। अब लगता है कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का पक्का मन बना लिया है। पिछले कुछ दिनों से वह इस वजह से काफी परेशान थे। हालांकि, उन्होंने मेरे सामने कभी खुलकर बात नहीं की और हमेशा की तरह सामान्य ही रहे। मैं उनसे कहता था कि मेहनत करना हमारा काम है, बाकी सब ऊपर वाले पर छोड़ दो। बस खुद को फिट रखो, क्योंकि कभी भी खेलने का मौका मिल सकता है। शमी ऐसा ही करते थे। जब भी वह मेरे पास आते तो बच्चों के साथ प्रैक्टिस करते। वह मुझे फोन करके बता देते थे कि आ रहे हैं और फिर बच्चे—चाहे वे बल्लेबाज हों या गेंदबाज—उनके पास चले जाते थे। वे सुबह से शाम तक उनके साथ खेलते और प्रैक्टिस करते थे।"
मार्च 2025 में दुबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में जीत के बाद से शमी भारत के लिए किसी भी फॉर्मेट में नहीं खेले थे। 2023 के घरेलू वनडे वर्ल्ड कप के बाद घुटने की समस्या और 'अकिलीस टेंडन' के ऑपरेशन के कारण वह लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे थे। इसके बाद जनवरी में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के जरिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी।