
टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर आईसीसी (ICC) और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के बीच चल रही खींचतान के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। बांग्लादेश के टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन ने बीसीबी के डायरेक्टर एम नजमुल इस्लाम द्वारा पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को 'इंडियन एजेंट' बताने को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह अपमानजनक, अस्वीकार्य और खेल के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि हम एक खिलाड़ी तौर पर इज्जत की उम्मीद करते हैं। चाहे कोई पूर्व कप्तान हो या रेगुलर खिलाड़ी हो। वह सफल हो या नहीं… आखिर में एक क्रिकेटर इज़्जत की उम्मीद करता है।
नजमुल हुसैन ने वर्ल्ड कप विवाद के असर पर खुलकर बात करते हुए कहा कि आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर चल रहे विवाद से वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। बांग्लादेशी क्रिकेटरों की रातों की नींद हराम हो रही है, क्योंकि वर्ल्ड कप में उनकी भागीदारी पर अनिश्चितता बनी हुई है। बीसीबी ने धमकी दी है कि अगर उनके मैच भारत से बाहर नहीं किए गए तो वे आने वाले ग्लोबल टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगे।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले अगर आप हमारे वर्ल्ड कप के नतीजे देखें तो हमने कभी भी लगातार अच्छा क्रिकेट नहीं खेला है। पिछले साल हमने अच्छा खेला था, लेकिन हम उसका फायदा नहीं उठा पाए। आप देखेंगे कि हर वर्ल्ड कप से पहले कुछ न कुछ होता ही है। मैं अपने तीन वर्ल्ड कप के अनुभव से यह कह सकता हूं, इसका असर होता है।
मुझे लगता है कि खिलाड़ी अभी भी उन बातों को एक तरफ रखकर टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। बेशक, अगर ये चीजें न होतीं तो बेहतर होता, लेकिन यह कुछ हद तक हमारे कंट्रोल से बाहर है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि यह कैसे हुआ या इसे कैसे कंट्रोल किया जा सकता था। फिर भी मैं कहूंगा कि ऐसी परिस्थितियों में भी एक्टिंग करना मुश्किल है।
नजमुल ने आगे कहा कि वह बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के डायरेक्टर एम नजमुल इस्लाम द्वारा पूर्व कप्तान तमीम इकबाल 'इंडियन एजेंट' के बारे में की गई सोशल मीडिया टिप्पणी से काफी दुखी हैं। यह अपमानजनक, अस्वीकार्य और खेल के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने कहा कि ऐसा सुनकर बहुत दुख हुआ, क्योंकि एक क्रिकेटर के बारे में ऐसी टिप्पणियां की गई। एक पूर्व कप्तान और मेरी राय में बांग्लादेश के सबसे सफल क्रिकेटरों में से एक जिसे देखकर हम बड़े हुए हैं। बतौर खिलाड़ी हम इज़्जत की उम्मीद करते हैं।
उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा दुख इस बात का होता है कि क्रिकेट बोर्ड हमारा गार्जियन होता है। हम उनसे उम्मीद करते हैं कि वे हमारी रक्षा करेंगे। एक खिलाड़ी के तौर पर मैं ऐसी टिप्पणी स्वीकार नहीं कर सकता। उन्होंने आखिर में कहा कि माता-पिता को आपको घर पर ठीक करना चाहिए, सबके सामने नहीं। इसलिए ऐसे व्यक्ति की तरफ से ऐसी टिप्पणी, जिसे हमारा गार्जियन होना चाहिए, स्वीकार करना बहुत मुश्किल है। एक खिलाड़ी के तौर पर मैं इसे पूरी तरह से खारिज करता हूं।