Jamaat-ul-Ahrar issues threat to PSL: PCB ने पीएसएल 2026 को बिना दर्शकों के सिर्फ दो वेन्यू कराने का फैसला किया है, लेकिन इसके बावजूद टूर्नामेंट पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। अब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के एक गुट जमात-उल-अहरार ने विदेशी बोर्डों को चेतावनी दी है कि वे प्लेयर्स को पाकिस्तान न भेजें।
Jamaat-ul-Ahrar issues threat to PSL: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL 2026) के आगामी सीजन पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के एक गुट जमात-उल-अहरार के एक सीनियर कमांडर ने विदेशी क्रिकेट बोर्ड को चेतावनी दी है कि वे पीएसएल के लिए अपने खिलाड़ियों को पाकिस्तान न भेजें। ये धमकी पीएसएल को दो ही वेन्यू कराची और लाहौर में बगैर दर्शकों के सीमित किए जाने के ठीक एक दिन बाद सामने आई है। यह फैसला पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और उससे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए लिया गया था।
टीटीपी ने एक बयान जारी कर विदेशी खिलाड़ियों से टूर्नामेंट से हट जाने की अपील की। 'द संडे गार्डियन' से बात करते हुए इस गुट ने अपनी चेतावनी की पुष्टि की और इसे अंतरराष्ट्रीय बोर्डों के लिए एक सलाह बताया। कमांडर ने कहा कि हम संबंधित क्रिकेट बोर्डों को सलाह देना चाहते हैं कि वे अपने खिलाड़ियों को पाकिस्तान न भेजें। अगर उन्हें कुछ हुआ, तो उसकी जिम्मेदारी हमारी नहीं होगी। हम पहले ही चेतावनी दे चुके हैं।
जब उनसे पूछा गया कि अगर खिलाड़ी फिर भी टूर्नामेंट में हिस्सा लेते हैं, तो वे क्या करेंगे, तो उनके जवाब से इस धमकी की गंभीरता और भी बढ़ गई। उन्होंने कहा कि हम अपनी क्षमता के अनुसार हर मुमकिन कोशिश करेंगे। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि ये मैच हो ही न पाएं।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब पीएसएल पहले से ही अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। क्षेत्रीय तनाव के चलते कई देशों द्वारा जारी की गई यात्रा संबंधी चेतावनियों के बाद कई विदेशी खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के अपने फैसले पर कथित तौर पर दोबारा विचार किया है। इसके बावजूद उम्मीद है कि इस टूर्नामेंट में डेविड वॉर्नर, स्टीव स्मिथ, मोईन अली, डेवोन कॉनवे और एडम जम्पा जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
बता दें कि जमात-उल-अहरार 2014 में टीटीपी से अलग हो गया था और 2020 में ही वह दोबारा उससे जुड़ा है। हाल के वर्षों में हुए कई हमलों में उसका नाम सामने आया है। इस गुट ने नवंबर 2025 में इस्लामाबाद में एक न्यायिक परिसर के पास हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली थी। ऐसे में मौजूदा धमकी को कमतर नहीं आंका जा सकता है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, जबकि टूर्नामेंट 26 मार्च से शुरू होने वाला है।
पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि लीग तय योजना के अनुसार ही आगे बढ़ेगी। लेकिन, मैच सिर्फ दो वेन्यू पर बिना दर्शकों के खेले जाएंगे। उन्होंने इसके पीछे सुरक्षा चिंताओं और मौजूदा संकट के व्यापक असर का हवाला दिया था।, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावटों के कारण ईंधन की कमी भी शामिल है।