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मोहम्मद शमी को अदालत ने चेक बाउंस मामले किया बाइज्‍जत बरी तो पत्नी हसीन जहां ने चल दी नई चाल

Mohammed Shami cleared in cheque bounce case: मोहम्मद शमी को अलीपुर कोर्ट ने बुधवार को पत्नी हसीन जहां के चेक बाउंस केस में बरी कर दिया है, लेकिन उनकी परेशानी यहीं खत्‍म होने वाली नहीं है। इस फैसले से नाखुश जहां ने अब इस मामले में हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है।

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भारत

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lokesh verma

May 20, 2026

Mohammed Shami cleared in cheque bounce case

मोहम्‍मद शमी और उनकी पत्‍नी हसीन जहां। (फोटो सोर्स: IANS)

Mohammed Shami cleared in cheque bounce case: भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को अलीपुर कोर्ट ने बुधवार को बड़ी राहत देते हुए उन्‍हें पत्नी हसीन जहां के चेक बाउंस केस में बाइज्‍जत बरी कर दिया है। यह केस एक लाख रुपये के चेक से जुड़ा था, जिसके बारे में हसीन जहां ने दावा किया था कि बैंक में जमा करने के बाद वह बाउंस हो गया था। यह मामला करीब चार साल से चला बुधवार को अलीपुर में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने इस मामले में शमी को सभी आरोपों से बरी कर दिया। इस फैसले पर हसीन जहां खुश नहीं हैं। उन्होंने तुरंत अगला कदम उठाने का ऐलान करते हुए हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है।

मैंने हर वह रुपया चुका दिया है, जो मुझे देना था- शमी

रिपोर्ट में फैसले की पुष्टि करते हुए शमी के वकील सलीम रहमान ने कहा कि क्रिकेटर मोहम्मद शमी को चार साल पुराने केस में बरी कर दिया गया है, जिसे उनकी पत्नी ने फाइल किया था। वहीं, कोर्ट के फैसले के बाद शमी ने कहा कि उन्हें हमेशा विश्वास था कि फैसला उनके पक्ष में जाएगा। उन्होंने कहा कि मैंने हर वह रुपया चुका दिया है, जो मुझे देना था। चाहे मैदान पर हो या मैदान के बाहर, मैं हमेशा हर स्थिति को अपनी पूरी क्षमता से संभालने की कोशिश करता हूं।

हसीन जहां और बेटी के लिए हर महीने 4 लाख रुपए देते हैं शमी

बता दें कि चेक बाउंस का मामला शमी और हसीन जहां के बीच लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई का सिर्फ एक हिस्सा है। 2018 में हसीन जहां ने शमी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिसमें फाइनेंशियल मदद और मेंटेनेंस से जुड़े आरोप भी शामिल थे। अभी, कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश के तहत शमी हसीन जहां को हर महीने 1.5 लाख रुपये और अपनी बेटी की परवरिश के लिए हर महीने 2.5 लाख रुपये देते हैं।

हालांकि, हसीन जहां ने बाद में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, यह कहते हुए कि यह रकम घर का खर्च चलाने के लिए काफी नहीं है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि क्या एक मां और बेटी की देखभाल के लिए हर महीने 4 लाख रुपये काफी नहीं हैं। इस बीच, शमी का इंडियन प्रीमियर लीग में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलना जारी है और साथ ही वह अपने ऊपर चल रहे कानूनी मामलों से भी निपट रहे हैं।

हाईकोर्ट जाएंगी हसीन जहां

आज आए फैसले से हसीन जहां बिलकुल भी खुश नहीं हैं। उन्होंने तत्‍काल अगला कदम उठाने की घोषणा कर दी है। उनके वकीलों का कहना है कि वे इस फैसले को चुनौती देने के लिए अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी। इसका मतलब है कि शमी के खिलाफ कानूनी लड़ाई जल्‍द खत्म होने वाली नहीं है।