Legends League Players Trapped: गोलापार में लीजेंड्स लीग क्रिकेट मैच के बाद आयोजकों ने बाउंसरों का तीन दिन का मेहनताना नहीं चुकाया, जिससे गुस्साकर उन्होंने स्टेडियम का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। इससे दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और जिम्बाब्वे समेत कई देशों के 20 से अधिक खिलाड़ी, कोच और स्टाफ घंटों बसों में फंसे रहे।
Legends League Players Trapped: सोमवार की शाम हल्द्वानी का गोलापार का स्टेडियम एक अजीब विवाद का गवाह बना। सदर्न सुपर स्टार्स और इंडिया कैप्टन्स के बीच मुकाबला खत्म होते ही बाउंसरों ने मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। कारण था, तीन दिनों से अटका हुआ उनका भुगतान। नतीजा, मैदान से निकलने की कोशिश कर रहे दर्जनों खिलाड़ी, कोच और स्टाफ बसों में ही कैद होकर रह गए। करीब दो घंटे की मशक्कत और आयोजकों के भुगतान के आश्वासन के बाद ही गेट खुल सका।
इस चौंकाने वाली घटना में दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला (Hashim Amla), श्रीलंका के दिलशान मुनावीरा और जिम्बाब्वे के हैमिल्टन मसाकाद्जा (Hamilton Masakadza) जैसे अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों सहित गौरव तोमर, शेल्डन जैक्सन, अजीत चंदीला (Ajit Chandila), रजत भाटिया (Rajat Bhatia), रवि जांगिड़, दिवेश पठानिया, परविंदर अवाना, पुनीत बिष्ट, रितिक शर्मा, अनिरुद्ध जोशी, इम्तियाज अहमद और मिर्जा दानिश आलम समेत कुल 20 खिलाड़ी, कोच व अन्य स्टाफ सदस्य वाहनों में घंटों बंद रहे।
लेजेंड्स क्रिकेट लीग के सह-संस्थापक रमन रहेजा ने सफाई देते हुए कहा कि भुगतान की प्रक्रिया संभालने वाले अधिकारी उस दिन हल्द्वानी से बाहर थे, जिसके चलते यह अड़चन पैदा हुई। उन्होंने सभी को भुगतान का भरोसा दिलाया। दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसी के कुलदीप सिंह ने कहा कि 82 बाउंसर और 42 गार्ड का तीन दिन का वेतन अटका हुआ था, इसीलिए गेट बंद करना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो घंटे में भुगतान नहीं हुआ तो मंगलवार का मैच भी नहीं होने दिया जाएगा।
यह पहली बार नहीं है जब लेजेंड्स क्रिकेट लीग और उसके संस्थापक रमन रहेजा किसी विवाद के बीच हैं। कईं विवाद तो गंभीर कानूनी संकट में भी बदल चुके हैं। मार्च 2026 में, दिग्गज क्रिकेटर शिखर धवन ने 1.24 करोड़ के बकाया भुगतान को लेकर लीग की कंपनी 'एब्सोल्यूट लीजेंड्स स्पोर्ट्स' को दिवालिया घोषित करने के लिए याचिका दायर की, जिसे तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया गया लेकिन भुगतान में गड़बड़ी की पुष्टि हुई।
11 मार्च 2026 को 'जिओस्टार' ने दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम आदेश हासिल किया, जिसके तहत लीग की भविष्य की पूरी कमाई को कोर्ट में जमा करने और आयोजकों को अपनी संपत्तियों का खुलासा करने का निर्देश दिया गया है। रहेजा का अतीत भी विवादों में रहा है, जिसमें 2019 वर्ल्ड कप के दौरान 'स्पोर्ट्स फ्लैश' के माध्यम से ऑडियो राइट्स के पेमेंट में चूक और 2022 का मालिकाना हक विवाद प्रमुख हैं। 49 करोड़ के नए निवेश के बावजूद, प्रशासन के स्तर पर लगातार खामियों और आर्थिक अस्थिरता के कारण लीग की साख अब दुनियाभर में दांव पर है।