Vaibhav Sooryavanshi weakness: वैभव सूर्यवंशी की कमजोरी धीमी गेंदें हैं। सोशल मीडिया पर यह मुद्दा छाया हुआ है, लेकिन राजस्थान रॉयल्स के कोच विक्रम राठौर ने इस पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि कोई भी परफेक्ट नहीं होता है और मुझे नहीं लगता कि वैभव को धीमी गेंदों के खिलाफ कोई परेशानी होती है।
Vaibhav Sooryavanshi weakness: दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की ज्यादातर पारी उनके टीनएज सेंसेशन वैभव सूर्यवंशी के इर्द-गिर्द ही घूमती रही हैं, जिन्होंने टॉप पर एक और निडर पारी खेलकर काफी प्रभावित किया। इस युवा खिलाड़ी ने दिल्ली के खिलाफ 21 गेंदों पर 46 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और तीन छक्के शामिल थे। उन्होंने एक बार फिर राजस्थान को ध्रुव जुरेल के साथ मिलकर जबरदस्त शुरुआत दी। इस मैच में राजस्थान की हार से ज्यादा चर्चा वैभव की कमजोरी को लेकर हो रही है। धीमी गेंदों को उनकी कमजोरी बताया जा रहा है। इस पर रॉयल्स के बैटिंग कोच विक्रम राठौर ने नाराजगी जताई है। उन्होंने इन बातों को खारिज करते हुए कहा कि कोई भी परफेक्ट नहीं होता है।
राठौर ने यह भी माना कि मिचेल स्टार्क के अहम ओवर ने मैच को दिल्ली कैपिटल्स के पक्ष में पूरी तरह से मोड़ दिया। उन्होंने कहा कि हम 20 रन पीछे रह गए। हमारा स्कोर 160/2 था और हमें 220-230 तक पहुंचना चाहिए था। एक ओवर में तीन विकेट गंवाने से कोई मदद नहीं मिलती। हम उस ओवर में अपनी पसंद को लेकर और स्मार्ट हो सकते थे। हम हर गेम में गलतियां करते हैं और आइडिया उनसे सीखना है और मुझे उम्मीद है कि अगले गेम में अलग ऑप्शन चुनेंगे। उस ओवर (स्टार्क के) ने हमारे लिए गेम बदल दिया।
उन्होंने टीम में फिटनेस की चिंता की भी पुष्टि की और रवींद्र जडेजा के घुटने की परेशानी का जिक्र करते हुए कहा कि अच्छा होगा, अगर उन्हें एक और मैच के लिए ब्रेक दिया जाए। चेज के दौरान टैक्टिकल फैसलों पर राठौर ने कप्तान रियान पराग के 18वां ओवर डोनोवन फरेरा को देने के फैसले का सपोर्ट किया, भले ही यह महंगा साबित हुआ, क्योंकि दिल्ली ने इसका फायदा उठाया।
उन्होंने समझाया कि कप्तान ही फैसले लेता है। वह अपनी गट फीलिंग पर भरोसा कर रहा है। हमारा ऑप्शन छह बॉलर लाना था। लेकिन, जब हमने जल्दी विकेट गंवा दिए तो हमने इम्पैक्ट सब के तौर पर दासुन शनाका को चुना। नहीं तो, हम एक इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर एक बॉलर को चुन सकते थे। एनालिस्ट और कोच के साथ कुछ प्लान पर बात हुई है, लेकिन मैदान पर निर्णय कप्तान ही लेता है। उन्होंने यह भी साफ किया कि पराग ने हैमस्ट्रिंग की दिक्कत की वजह से बॉलिंग नहीं की, जिससे एक जरूरी समय में राजस्थान के ऑप्शन और कम हो गए।
हार के बावजूद राठौर वैभव सूर्यवंशी के तेजी से आगे बढ़ने को लेकर कॉन्फिडेंट हैं। उन्होंने धीमी गेंदों के खिलाफ वैभव की काबिलियत पर चिंताओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इस दुनिया में कोई भी परफेक्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि हर किसी में कोई न कोई कमजोरी होगी। मुझे नहीं लगता कि वैभव को धीमी गेंदों के खिलाफ कोई परेशानी होती है। ऐसे विकेट पर जहां गेंद ग्रिप कर रही हो, पेस में बदलाव किसी भी बैटर के खिलाफ अच्छा होता है, सिर्फ वैभव के लिए नहीं।
उन्होंने 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी के असर की तारीफ करते हुए उसे एक खास टैलेंट बताया। राठौर ने कहा कि उसकी काबिलियत के बारे में काफी कुछ कहा जा चुका है और उसने हमें शानदार शुरुआत दी है। मुझे उम्मीद है कि वह इन पारियों में से एक को बड़ी पारी में बदलेगा और गहराई तक जाएगा। जिस तरह से वह बैटिंग कर रहा है, उससे यह बहुत दूर नहीं है।
बता दें कि आईपीएल 2026 में अब तक वैभव सूर्यवंशी ने 12 पारियों में 40.50 के औसत और 234.78 के स्ट्राइक रेट से 486 रन बनाए हैं, जिसमें एक सेंचुरी और दो फिफ्टी शामिल हैं। वह इस सीजन में राजस्थान के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इतना ही नहीं वह एक आईपीएल सीजन में सबसे ज्यादा छक्के मारने वाले भारतीय खिलाड़ी भी बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने 43 छक्कों के साथ अभिषेक शर्मा के 42 छक्कों के रिकॉर्ड को तोड़ा है, जो अभिषेक ने 2024 में बनाया था।