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आंदोलनकारियों के आगे बेबस हुए IPL चेयरमैन राजीव शुक्ला, केंद्र की मोदी सरकार से लगाई मदद की गुहार

कावेरी जल विवाद पर थमा तूफान थमने का नजर नहीं आ रहा है। अब इस मामले पर राजीव शुक्ला ने केंद्र सरकार से मदद की मदद की गुहार लगाई है।

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नई दिल्ली। कावेरी जल विवाद को लेकर जारी गतिरोध थमता नजर नहीं आ रहा है। चेन्नई में आज होने वाले मैच पर भी संकट के बादल दिख रहे है। स्टेडियम के बाहर भारी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद है। जो मैच आयोजित होने का विरोध कर रहे है। आंदोलनकारियों से निपटने के लिए स्टेडियम से बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए है। बोर्ड पूरी तरह से मैच आयोजित करवाने की मूड में है। लेकिन आज के माहौल को देख कर यह कहा जा रहा है कि जल्द ही इस विवाद का निपटारा नहीं हुआ तो आगे चेन्नई में होने वाले मुकाबलों को कहीं और स्थानातरित करना होगा। इस बीच आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला ने इस विवाद पर केंद्र सरकार से मदद मांगी है।

राजीव शुक्ला ने लगाई गुहार-
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने चेन्नई में होने वाले मैचों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंगलवार को केंद्रीय गृह सचिव से मुलाकात की। चेन्नई में कावेरी नदी के जल वितरण को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है और आम जनता प्रदर्शन कर रही है। ऐसे में शुक्ला ने गृह सचिव से मिलकर केंद्र से इस मामले में दखल देने की अपील की है।

तमिलनाडु पुलिस ने दिया आश्वासन-
कई तमिल संगठनों और राजनीतिक पार्टियों ने कावेरी विवाद को लेकर शहर में टी-20 मैच के आयोजन को रद्द करने की मांग की है। तमिल संगठनों ने मांग की है कि मंगलवार को चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच होने वाले मैच को रद्द किया जाए। मीडिया से बात करते हुए शुक्ला ने कहा कि केंद्र, तमिलनाडु और चेन्नई पुलिस ने उन्हें आईपीएल के मैचों की मेजबानी बिनी किसी दिक्कत के कराने का आश्वासन दिया है।

क्या कहा राजीव शुक्ला ने -
शुक्ला ने कहा कि मैंने गृह सचिव से मुलाकात की, जिन्होंने पुलिस डीजीपी से बात की और उन्हें खिलाड़ियों, दर्शकों को पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार और चेन्नई पुलिस ने भी सुरक्षा मुहैया कराने के लिए आश्वासन दिया है। चेन्नई और कोलकाता के बीच शुरू होने वाले मैच से कुछ घंटे पहले ही कुछ लोगों ने एम.ए. चिदम्बरम स्टेडियम के बाहर प्रदर्शन करने की कोशिश की थी।

क्या था सुप्रीम कोर्ट का निर्णय -
सर्वोच्च अदालत ने 16 फरवरी को अपने आदेश में कवेरी नदी से तमिलनाडु को मिलने वाले हिस्से को घटा दिया था। वहीं सर्वोच्च अदालत ने केंद्र को छह सप्ताह के भीतर सीएमबी के गठन के आदेश दिए थे। इसकी समय सीमा 29 मार्च को खत्म हो गई। अदालत ने अब सरकार से तीन मई तक रोडमैप मांगा है।

Published on:
10 Apr 2018 07:46 pm