आईसीसी ने इसी साल एक ऐसा नियम बनाया है, जिसके तहत किसी खिलाड़ी के चोटिल होकर पूरे मैच से बाहर हो जाने पर सब्टीट्यूट खिलाड़ी उनकी जगह ले सकेगा।
रांची : रांची में भारत के खिलाफ चल रहे तीसरे टेस्ट में एक नया नजारा देखने को मिला, जो आमतौर पर टेस्ट क्रिकेट में नहीं नजर आता। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से अंतिम एकादश से बाहर थ्यूनस डी ब्रुएन दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतर गए। वह डीन एल्गर के सब्टीट्यूट खिलाड़ी के तौर पर मैदान में बल्लेबाजी करने उतरे हैं। बता दें कि आईसीसी ने हाल ही में सब्टीट्यूट खिलाड़ी का नियम बनाया है। इसी का फायदा उठाकर दक्षिण अफ्रीका ने अंतिम एकादश से बाहर के खिलाड़ी को मैदान में उतार दिया।
यह है मामला
टी से कुछ देर पहले उमेश यादव के एक बाउंसर पर दक्षिण अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज डीन एल्गर चोटिल हो गए। उमेश यादव की बाउंसर उनके सिर पर लगी और वह जमीन पर गिर पड़े थे। इसके बाद अंपायर ने तुरंत फीजियो को मैदान पर बुलाया। फर्स्ट एड के बाद वह बाहर चले गए। उनकी जगह बल्लेबाजी करने डीन पीट आए। इसके बाद दक्षिण अफ्रीकी टीम मैनेजमेंट ने बताया कि डीन एल्गर अब दोबारा बल्लेबाजी के लिए नहीं उतर पाएंगे। उनकी जगह ब्रुएन बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे। एल्गर जिस समय चोटिल हुए उस समय वह 16 रन बनाकर खेल रहे थे। उनकी जगह बल्लेबाजी करने आए ब्रुएन दिन का खेल खत्म होने तक 30 रन बनाकर नाबाद हैं। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 132 रन पर आठ विकेट खो दिए हैं।
नए नियमों के तहत उतरे डिब्रुएन
डिब्रुएन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल के नए नियमों के तहत बल्लेबाजी करने आए हैं। नए नियम के मुताबिक ऐसी स्थिति में कोई दूसरा खिलाड़ी उनकी जगह खेल सकता है। इसके तहत अगर किसी टेस्ट मैच में किसी खिलाड़ी को गंभीर चोट लगती है तो वह उनकी जगह दूसरा खिलाड़ी ले सकता है। यह नियम बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों पर लागू होता है। यानी ऐसा खिलाड़ी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों कर सकता है। इस नियम का सबसा पहला उपयोग इसी साल एशेज टेस्ट में देखा गया था, जब स्टीव स्मिथ के चोटिल होने पर उनकी जगज बतौर सब्टीट्यूट खिलाड़ी मार्नश लाबुशन बल्लेबाजी करने उतरे थे।