
R Ashwin on Sanju Samson dropped: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए संजू सैमसन को टीम में शामिल न करने पर तीखा जवाब दिया है। अश्विन ने इस फैसले को संजू के साथ सरासर नाइंसाफी बताया है और चेतावनी दी है कि ऐसे फैसलों से ड्रेसिंग रूम के अंदर खिलाड़ियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है, जिससे पूरी टीम का माहौल खराब होगा।
संजू सैमसन टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम की खिताबी जीत के हीरो रहे थे और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' भी चुना गया था। इसके बावजूद उन्हें पहले इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे और तीसरे टी20 से ड्रॉप किया गया, और अब जिम्बाब्वे दौरे की टीम से भी बाहर कर दिया गया। हालांकि, बीसीसीआई (BCCI) के अधिकारियों का कहना है कि संजू को सिर्फ आराम (Rest) दिया गया है, लेकिन अश्विन इस बात से बिल्कुल सहमत नहीं हैं।
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर खुलकर बोलते हुए कहा, 'मैं क्या कहूं? यह पूरी तरह से नाइंसाफी है। मैं इस फैसले से बिलकुल सहमत नहीं हूं। संजू को फॉर्म और कुछ मैचों की हार के चलते बाहर कर दिया गया है। अगर हम आगे भी मैच हारते हैं, तो क्या किसी और को ड्रॉप कर दिया जाएगा? अगला नंबर किसका होगा? यह गलत है। भारतीय क्रिकेटरों को ऐसे असुरक्षित माहौल में नहीं डालना चाहिए।'
अश्विन का मानना है कि टी20 जैसे रिस्की फॉर्मेट में दिमाग का फ्री होना बहुत जरूरी है। सूर्यकुमार यादव के सेटअप से जाने के बाद संजू के साथ ऐसा बर्ताव करना उनके बैटिंग स्टाइल को बर्बाद कर सकता है।
अश्विन ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर संजू चौथे टी20 में वापसी भी करते हैं, तो दोबारा टीम से बाहर होने का डर उनके दिमाग में रहेगा। ऐसे में संजू टीम के बजाय खुद की जगह बचाने के लिए खेलने लगेंगे, और आप उन्हें गलत भी नहीं ठहरा सकते। जब खिलाड़ी निडर होकर नहीं खेलेंगे, तो टीम इंडिया को ही इसका नुकसान उठाना पड़ेगा।