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‘पैसे बचाने के लिए कॉलेज और घूमना-फिरना सब छोड़ दिया’, श्रेयस अय्यर की बहन ने बताया भाई के संघर्ष का सच

Shreyas Iyer sister Shrestha Iyer interview: भारतीय क्रिकेटर श्रेयस अय्यर की बहन श्रेष्ठा अय्यर ने भाई के संघर्ष और बलिदान पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि कैसे श्रेयस ने खुद को तकलीफ में रखकर माता-पिता को एक आलीशान (Lavish) जिंदगी दी।
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भारत

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Anshika Verma

Jul 09, 2026

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श्रेयस अय्यर बहन श्रेष्ठा अय्यर के साथ (Photo - @shrestaiyer29)

Shreyas Iyer sister Shrestha Iyer interview: भारतीय क्रिकेटर श्रेयस अय्यर की बहन श्रेष्ठा अय्यर हाल ही में एक रियलिटी शो 'लॉकअप' (Lock Upp) से बाहर आई हैं। शो से निकलने के बाद उन्होंने एक पॉडकास्ट में अपने भाई के संघर्ष, उनके बलिदान और ट्रोलिंग को लेकर कई हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। श्रेष्ठा का कहना है कि आज उनका परिवार जो भी आलीशान जिंदगी जी रहा है, वो सिर्फ और सिर्फ उनके बड़े भाई श्रेयस अय्यर की बदौलत है।

बस के पैसे बचाकर की प्रैक्टिस

श्रेष्ठा ने बताया कि श्रेयस की जर्नी बहुत मुश्किलों से भरी रही है। उन्होंने आगे बढ़ने के लिए अपनी लाइफ की हर खुशी का बलिदान दे दिया। जब वह बड़े हो रहे थे, तो उन्होंने न तो ढंग से कॉलेज लाइफ देखी और न ही कभी दोस्तों के साथ घूमना-फिरना किया। वह सुबह जल्दी उठकर बस से प्रैक्टिस के लिए जाते थे ताकि कैब (टैक्सी) के पैसे बचा सकें। श्रेष्ठा कहती हैं कि उन्हें खुद जितनी आसान जिंदगी मिली, श्रेयस को वैसी कभी नहीं मिली। श्रेयस ने खुद को तपाकर अपने पेरेंट्स को आर्थिक रूप से पूरी तरह सपोर्ट किया।

चोट लगने पर भी नहीं रोए श्रेयस

श्रेष्ठा ने एक पुराना किस्सा शेयर करते हुए बताया कि जब श्रेयस को चोट लगी थी और वह अस्पताल में थे, तो उन्हें देखकर श्रेष्ठा रोने लगी थीं। इस पर श्रेयस ने उनसे कहा था कि अगर रोना है तो कमरे से बाहर चली जाओ, मेरे सामने मत रो। श्रेयस ने अपनी जिंदगी में सिर्फ एक बार आंसू बहाए, जब 10 महीने पहले उनके पालतू कुत्ते (Dog) की मौत हुई थी।

कप्तानी पर बात करते हुए श्रेष्ठा ने कहा कि जो कप्तानी श्रेयस को आज मिल रही है, वो उन्हें 3 साल पहले ही मिल जानी चाहिए थी। लेकिन श्रेयस बहुत पॉजिटिव हैं, वह हमेशा कहते हैं कि जो मिल गया, उसी मौके को सोना बनाओ।

क्या घमंडी हैं श्रेयस अय्यर?

जब श्रेष्ठा से पूछा गया कि लोग सोशल मीडिया पर श्रेयस को घमंडी बोलते हैं, तो उन्होंने साफ मना किया। श्रेष्ठा ने कहा कि श्रेयस बहुत प्यारे इंसान हैं। कोई भी खिलाड़ी जब खाना खा रहा हो या किसी जरूरी काम में हो, और उस वक्त कोई परेशान करे तो चिढ़ होना लाजमी है। ट्रोलिंग से बचने के लिए श्रेयस खुद अपना सोशल मीडिया भी नहीं चलाते, बल्कि उनकी टीम इसे संभालती है। श्रेष्ठा को पूरा भरोसा है कि बहुत जल्द वह समय आएगा जब लोग मानेंगे कि श्रेयस अय्यर टीम इंडिया के सबसे बेहतरीन कप्तान हैं।