अंबाती रायडू ने आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में नहीं चुने जाने के बाद क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। हालांकि बाद में उन्होंने अपना संन्यास वापस ले लिया था।
हैदराबाद : अंबाती रायडू एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अक्सर विवादों में रहते हैं। उन्हें काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी माना जाता है और कहा जाता है कि अपने बिगड़ैल स्वभाव के कारण उन्होंने अपना काफी नुकसान किया है। जब उन्हें आईसीसी क्रिकेट एकदिवसीय विश्व कप की टीम में नहीं चुना गया था तो उन्होंने चयन समिति पर ही तंज कर दिया था और क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। अब उन्होंने हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (एचसीए) पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इस ट्वीट से एक दिन पहले उन्होंने क्रिकेट से ब्रेक लेने की बात कही है।
तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव से लगाई गुहार
अंबाती रायडू ने ट्वीट में तेलंगाना के मंत्री केटी रामराव को संबोधित करते हुए कहा- हेलो सर, मैं आपसे हैदराबाद क्रिकेट संघ में चल रहे भ्रष्टाचार को रोकने की अपील करता हूं। उन्होंने आगे लिखा कि जब तक हैदराबाद क्रिकेट टीम में पैसों और भ्रष्ट लोगों का दखल जारी रहेगा, तब तक एक बेहतरीन टीम कैसे बन सकती है।
विश्व कप में न चुने जाने के बाद भी किया था ट्वीट
अंबाती रायडू को जब आईसीसी क्रिकेट विश्व कप की टीम में जगह नहीं मिली थी, तब भी उन्होंने ट्वीट किया था। उनकी जगह विश्व कप की टीम कें विजय शंकर को चुनते वक्त चयन समिति के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा था कि वह थ्री डी खिलाड़ी हैं। इस पर निशाना साधते हुए उन्होंने चयन समिति पर कमेंट करते हुए लिखा था कि विश्व कप का मैच देखने के लिए उन्होंने थ्री डी चश्मा खरीद लिया है। इसके बाद विजय शंकर के चोटिल होकर टीम से बाहर होने के बाद उन्होंने क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। हालांकि अगस्त में उन्होंने दोबारा क्रिकेट में वापसी कर ली थी।
वापसी के बाद किया शानदार प्रदर्शन
34 साल के अंबाती रायडू ने संन्यास से वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन किया। उन्हें हैदराबाद टीम का कप्तान बनाया गया था। इस दौरान उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में 7 पारियों में 233 रन बनाए थे। वह हैदराबाद की तरफ से सर्वाधिक रन बनाने के मामले में दूसरे स्थान पर थे।