हैदराबाद क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पूर्व महानिदेशक एमवी श्रीधर का सोमवार सुबह अपने घर पर हृदयघात से निधन हो गया।
नई दिल्ली |हैदराबाद क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व महानिदेशक एमवी श्रीधर का सोमवार सुबह अपने घर पर हृदयघात से निधन हो गया। वह 51 वर्ष के थे। श्रीधर अपने समय में जबरदस्त बल्लेबाज रहे हैं और उन्होंने 1988 से 89 और 1999-2000 के बीच अपने करियर में 21 प्रथम श्रेणी शतक और 27 अर्धशतक बनाए। उनके नाम पर भारतीय क्रिकेट का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड भी है। हैदराबादी खिलाड़ी ने वर्ष 1994 में आंध्र के खिलाफ 366 रन की यादगार पारी खेली थी, जो प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तीसरा सर्वाधिक भारतीय व्यक्तिगत स्कोर है। उनसे आगे भाऊसाहेब निंबाळकर (नाबाद 443 रन) और संजय मांजरेकर (377 रन) ही हैं। श्रीधर हैदराबाद के तीन खिलाडिय़ों में से एक थे, जिन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तिहरा शतक बनाया था। उनके अलावा वीवीएस लक्ष्मण और अब्दुल अजीम ने ही यह कारनामा किया है। बीसीसीआई में 2013 से महाप्रबंधक के रूप में सेवा देने के अलावा, श्रीधर कई वर्षो तक विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में भी शामिल रहे।
इसके अलावा, ए-श्रेणी में 35 मैच खेले और 29.06 की औसत से 930 रन बनाए। इसमें पांच शतक शामिल हैं। प्रथम श्रेणी में श्रीधर का सबसे बेहतरीन स्कोर जनवरी, 1994 में आंध्र प्रदेश के खिलाफ बनाया गया 366 रनों का स्कोर था। इस मैच में हैदराबाद ने छह विकेट खोकर 944 रनों पर अपनी पारी घोषित की थी। यह रणजी ट्रॉफी का सर्वोच्च स्कोर है। श्रीधर के निधन पर शोक जताते हुए बीसीसीआई के कार्यकारी सचिव अनिरुद्ध चौधरी ने कहा, "मेरे दोस्त श्रीधर की आत्मा को शांति मिले। वह इस दुनिया से जल्दी चले गए। एक खिलाड़ी और अधिकारी के तौर पर उन्होंने क्रिकेट के लिए बेहतरीन सेवा दी।"
जाने माने कमंटेटर हर्षा भोगले ने ट्वीट किया, "डॉ. श्रीधर एक ऐसे इंसान थे, जिनसे आप कभी भी संपर्क कर सकते थे। वह कहते थे कि मैंने कई जगह काम किया है और अब मैं कहता हूं कि चलो हैदराबादी के तरीके से करते हैं। वह एक अच्छे बल्लेबाज थे।"
भारत की ओर से पिछले साल आयोजित टी-20 टूर्नामेंट की मेजबानी के दौरान श्रीधर ने टूर्नामेंट निदेशक के रूप में काम किया था। उन्होंने जुलाई, 2012 में हैदराबाद सचिव के चुनाव भी जीते थे।